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शिमला18 दिन पहले
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ऑकलैंड टनल के बिज्र के पास ये मल्टी स्टोरी पार्किंग बनेगी।
- तीमारदारों के लिए रैन बसेरा भी बनेगा, पीडब्ल्यूडी तैयार कर रहा एस्टीमेट-डिजाइन
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज की न्यू ओपीडी के साथ ब्रिज के पास एक मल्टी स्टोरी पार्किंग बनेगी। ऑकलैंड टनल के पास ब्रिज के साथ नगर निगम की जमीन पर यह पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें करीब एक हजार गाड़ियों को पार्क किया जा सकेगा। इसी पार्किंग में आईजीएमसी आने वाले लोगों के लिए एक रैन बसेरा भी बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी पार्किंग का एस्टीमेट व ड्राइंग तैयार कर रहा है। आईजीएमसी में यह दूसरी पार्किंग होगी।
न्यू ओपीडी के साथ ही करीब 700 गाड़ियों की कैपेसिटी वाली एक पार्किंग का काम शुरू कर दिया गया है। इस दोनों पार्किंगों में 1700 के करीब गाड़ियां पार्क करने की सुविधा लोगों को मिल जाएगी। पार्किंग की कमी से जूझ रहे आईजीएमसी को एक और पार्किंग मिलेगी। यह पार्किंग ऑकलैंड टनल के साथ बने ब्रिज के पास बनाई जाएगी। यहां पर नगर निगम की जमीन है। यह अभी तक खाली पड़ी हुई है।
इस जगह का नगर निगम के अधिकारी, शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड और लोक निर्माण विभाग की एक संयुक्त टीम ने हाल ही में निरीक्षण किया है। निरीक्षण में यह जगह पार्किंग के लिए उचित पाई गई है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग पार्किंग का एस्टीमेट और ड्राइंग तैयार कर रहा है।
ब्रिज के साथ बनने वाली नई पार्किंग मल्टी स्टोरी होगी, जिसमें करीब 1000 गाड़ियों को पार्क किया जा सकेगा। इसके बनने आईजीएमसी आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को फायदा होगा। यह पार्किंग सर्कुलर रोड के एक दम साथ होगी। ऐसे में लोगों को पार्किंग के लिए आईजीएमसी कॉम्प्लेक्स के अंदर जाने की जरूरत नहीं होगी। लोग बाहर ही अपनी गाड़ियां पार्क कर सकेंगे। पार्किंग के लिए एस्टीमेट और डिजाइन तैयार करने का काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है। डिजाइन तैयार होने के बाद यह साफ हो पाएगा कि यह पार्किंग कितना मंजिला होगी।
डॉक्टर्स-स्टाफ की गाड़ियों को भी मिलेगी जगहः
आईजीएमसी में 700 गाड़ियों की कैपेसिटी की एक पार्किंग न्यू ओपीडी के साथ बनाई जा रही है। करीब 32 करोड़ की लागत से बनने वाली यह पार्किंग सर्कुलर रोड के साथ-साथ संजौली की ओर से आने वाली रोड से भी कनेक्ट होगी। इसके लिए पार्किंग में रैंप बनेंगे। इस तरह मनचंदा गेट की ओर से पार्किंग में गाड़ियों की एंट्री होगी। इन गाड़ियों को वापस नहीं आने दिया जाएगा और इनके लिए नीचे सर्कुलर रोड से एग्जिट रहेगा।
पार्किंग में डाक्टरों और स्टाफ को भी जगह मिलेगी। इसके चलते यह दूसरी पार्किंग सर्कुलर रोड के साथ बने ब्रिज के साथ बनेगी। यहां पर नगर निगम की जमीन है। इस पार्किंग में फारेस्ट एरिया नहीं आ रहा। ऐसे में इसके लिए फारेस्ट की क्लीयरेंस की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
डोरमैटरी में रह सकेंगे तीमारदारः
मल्टी स्टोरी पार्किंग में बाहर से आईजीएमसी आने वाले लोगों के ठहरने के लिए डोरमैटरी बनाई जाएगी। पार्किंग कॉम्प्लेक्स के डिजाइन में भी इसके लिए भी स्पेस रखा जाएगा। इससे उन मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा होगी जो कि अस्पताल में इलाज करवाने आते हैं। अभी तक एक मात्र सराय लक्कड़ बाजार में है।
इसमें एक डोरमैटरी और करीब आधा दर्जन कमरे हैं। कुल मिलाकर यहां एक समय पच्चीस से तीस लोग ही ठहर सकते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को होटलों में रहना पड़ता है जो कि काफी महंगा पड़ता है। इसके चलते ही पार्किंग में आईजीएमसी आने वालों के लिए डोरमैटरी बनाई जाएगी।
आईजीएमसी न्यू ओपीडी और ऑकलैंड टनल के ब्रिज के साथ एक मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जाएगी। यहां पर एमसी की जमीन है। इसके लिए जगह का निरीक्षण किया गया है। इसी पार्किंग में आईजीएमसी आने वाले लोगों के लिए डोरमैटरी भी बनाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी को पार्किंग का प्रोपोजल तैयार करने का काम सौंपा गया है।
नितिन गर्ग, जीएम (टेक्निकल) एसएससीएल
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