चिंताजनक रिपोर्ट! MSME सेक्टर में कर्ज की मांग तेज, लेकिन फाइनेंसिंग गैप अब भी कायम MSME Loan Demand India

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चिंताजनक रिपोर्ट! MSME सेक्टर में कर्ज की मांग तेज, लेकिन फाइनेंसिंग गैप अब भी कायम MSME Loan Demand India

MSME सेक्टर से कर्ज की मांग आगे भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद

एमएसएमई सेक्टर में कर्ज की मांग मजबूत, लेकिन फाइनेंसिंग गैप बरकरार: रिपोर्ट MSME Loan Demand India नई दिल्ली, 19 मार्च (TNT)। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर से कर्ज की मांग आगे भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत की कुल कर्ज वृद्धि करीब 26 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है, जो साल-दर-साल आधार पर लगभग 14.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

एमएसएमई MSME को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना बहुत जरूरी

MSME Loan Demand India आईसीआरए लिमिटेड और एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में कर्ज वृद्धि (थोड़ी कम होकर) में 11.3 से 12 प्रतिशत या करीब 23.5 से 25 लाख करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कमी मांग में कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि पिछले साल के ऊंचे आधार के कारण सामान्य स्थिति में वापसी है।

MSME Loan Demand India हालांकि, एमएसएमई सेक्टर में वित्त तक पहुंच की बड़ी समस्या अभी भी बनी हुई है, जो इस क्षेत्र की ग्रोथ को सीमित करती है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल बैंक कर्ज में बढ़ोतरी स्थिर रहने की संभावना है, जबकि एमएसएमई और रिटेल सेक्टर इसमें नई वृद्धि के मुख्य कारण बनेंगे। एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि एमएसएमई को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है ताकि समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके और आर्थिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचे।

MSME Loan Demand India वहीं, आईसीआरए लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक के. रविचंद्रन ने कहा कि भारत की वित्तीय प्रणाली पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्थिर हुई है, लेकिन बदलती परिस्थितियों में पारंपरिक कर्ज देने के दृष्टिकोण से परे बदलाव की आवश्यकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार, कंपनियों की बेहतर वित्तीय स्थिति और औपचारिकता बढ़ने के कारण कर्ज की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।

MSME Loan Demand India एमएसएमई सेक्टर सप्लाई चेन के विस्तार और छोटे कारोबारों के औपचारिक सिस्टम में जुड़ने के कारण अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहा है, खासकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। रिपोर्ट के अनुसार, औपचारिकता से जुड़ी पहल, बेहतर वर्गीकरण और सरकारी नीतियों के कारण कर्ज देने वाली संस्थाओं को उधार लेने वालों का आकलन करना आसान हुआ है, जिससे कर्ज की पहुंच बढ़ी है।

MSME Loan Demand India इसके बावजूद, रिपोर्ट में कहा गया है कि एमएसएमई सेक्टर में अभी भी बड़ा संरचनात्मक कर्ज अंतर बना हुआ है। अलग-अलग जोखिम प्रोफाइल, पर्याप्त गारंटी की कमी और जानकारी की पारदर्शिता न होने के कारण छोटे कारोबारों को समय पर और पर्याप्त कर्ज मिलना मुश्किल होता है, खासकर उन उद्यमों को जो पूरी तरह औपचारिक सिस्टम में शामिल नहीं हैं। —आईएएनएस डीबीपी

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