Map of Dali Sabzi Mandi did not pass from corporation even after six months | ढली सब्जी मंडी का नक्शा छह महीने बाद भी निगम से नहीं हुआ पास, किसानों-बागबानों को मिलनी हैं पार्किंग

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शिमला18 दिन पहले

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फाइल फोटो

  • 18.50 करोड़ रुपए की लागत से होना है विस्तार, ऑक्शन यार्ड और दुकानों की सुविधा

ढली में साढ़े 18 कराेड़ रुपए की लागत से सब्जी मंडी के विस्तारीकरण का काम अधर में लटक गया है। मार्केटिंग बाेर्ड ने इस सब्जी मंडी के एक्सपेंशन के लिए 18 कराेड़ रुपए की अधिक की लागत से एक प्राेजेक्ट ताे तैयार किया है लेकिन नगर निगम शिमला द्वारा नक्शा पास न किए जाने के कारण कराेड़ाें का यह प्राेजेक्ट अधर में लटक गया है।

बाेर्ड ने किसानाें-बागबानाें काे सुविधा देने के लिए इस मंडी के विस्तारीकरण की याेजना तैयार की, लेकिन वह नगर निगम शिमला के सुस्त रवैये के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। छह महीने से अधिक का समय हाे गया है नगर निगम शिमला अभी तक ढली सब्जी मंडी का नक्शा पास नहीं कर सका है।

250 से ज्यादा गाड़ियां हो सकेंगी पार्क:

ढली सब्जी मंडी में किसानाें-बागबानाें के लिए 250 से अधिक गाड़ियाें काे पार्क करने की सुविधा दी जानी है। दूर दराज से अपने उत्पाद लेकर मंडी में आने वाले किसानाें-बागबानाें काे रात में ठहराने के लिए रेस्ट हाउस का निर्माण किया जाना है। दुकानाें के अलावा ऑक्शन यार्ड बनाए जाने है ताकि अधिक से अधिक किसानाें का उत्पाद यहां पर जल्दी से जल्दी बिक सके। लेकिन बाेर्ड नक्शे के पास हुए बिना सब्ज़ी मंडी के विस्तारीकरण के काम काे शुरू नहीं कर पा रहा है।

अभी जगह कम होने के कारण नहीं आ पाते ज्यादा वाहनः इस मंडी के विस्तारीकरण से पांच जिलाें के किसानाें-बागबानाें काे लाभ मिलना है। इसमें शिमला सहित किन्नाैर, मंडी, करसाेग, साेलन और कुल्लू के अधिकांश किसान-बागबान साल भर अपने उत्पादाें काे बेचने के लिए ढली सब्जी मंडी आते है।

स्पेस कम हाेने के कारण और सीजन के समय किसानाें-बागबानाें द्वारा अधिक संख्या में अपने उत्पाद लेकर आने पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें पीछे ही राेक दिया जाता है ताकि मंडी के आसपास यातायात की समस्या न हाे। बाेर्ड यहां पर 250 गाड़ियाें काे पार्क करने की सुविधा देना चाहता है।

ढली सब्जी मंडी का 18.50 कराेड़ रुपए की लागत से एक्सपेंशन किया जाना है। इसके लिए नगर निगम शिमला में नक्शा जमा किया गया है। छह महीने से अधिक का समय हाे गया है। नगर निगम शिमला से अभी तक नक्शा पास नहीं हाे सका है। इससे काम अधर में लटक गया है। नक्शा पास न हाेने से काॅस्ट ऑफ कंस्ट्रक्शन भी बढ़ रही है।
नरेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, हिमाचल मार्केटिंग बाेर्ड

ढली सब्जी मंडी की एक्सपेंशन के लिए बाेर्ड ने जाे नक्शा जमा किया है, उसमें छह खसरा नंबर में ऑनरशीप काे नहीं दिखाया गया है। खसरा नंबर पर ऑेनरशीप काे दिखाए बिना नक्शे का काम आगे नहीं बढ़ सकता। इसकी सूचना बाेर्ड काे कई बार दी गई है।
अजीत भारद्वाज, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम शिमला

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