Many raids of local officers were empty, NGT caught 20 illegal mining trucks in a single night | लोकल अफसरों की कई रेड खाली गई, एनजीटी ने एक ही रात में अवैध खनन के 20 ट्रक पकड़े

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नारायणगढ़17 घंटे पहले

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ट्रक को जब्त करने के कागजात तैयार करते खनन विभाग के इंस्पेक्टर।

  • डेरा खनन जोन में कार्रवाई, 4 ट्रकाें में ग्रेवल भरा था और 16 खाली थे, 1 मशीन भी जब्त की

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की टीम ने एक घंटे में डेरा खनन जोन से 20 ट्रक और एक मशीन को पकड़ लिया। 4 ट्रकाें में ग्रेवल भरा हुआ था और 16 खाली थे। हैरानी की बात यह है कि आज तक न तो खनन विभाग इतनी बड़ी कार्रवाई कर सका और न ही प्रशासन की रेड कामयाब हुई है। फिलहाल जब्त किए गए वाहनों को नारायणगढ़ हुडा ग्राउंड में खड़ा किया गया है। खनन माफिया के मजबूत नेटवर्क को तोड़कर एनजीटी और पुलिस की टीम खनन जोन में घुस गई।

कार्रवाई इतनी गुप्त थी कि माफिया को भागने का मौका तक नहीं मिला। दरअसल, एनजीटी के अशोक राठी यमुनानगर की तरफ से कालाअम्ब में दाखिल हुए। जबकि माफिया के गुर्गे नारायणगढ़ रोड पर टकटकी लगाए बैठे रहे। जब माफिया को मैसेज मिला तब तक एनजीटी के अशोक राठी जोन में दाखिल हो चुके थे। टीम में नारायणगढ़, सेक्टर-4, काला अम्ब और महुआखेड़ी की पुलिस के अलावा खनन विभाग के निरीक्षक राज कुमार और गार्ड शामिल थे।

लोकल अधिकारियों की रेड फेल होने के 3 कारण

माफिया का नेटवर्क: माफिया के आदमी नारायणगढ़ से खनन जोन तक जगह-जगह खड़े रहते हैं। किसी भी अधिकारी के रोड पर निकलते ही मैसेज पहुंचा दिया जाता है। इसके बाद जोन में अंधेरा छा जाता है।

जानकारी की कमी: अधिकारियों को पता ही नहीं है कि खनन कहां से और कौन कर रहा है। जिस कारण सरकारी गाड़ी रास्ते से ही वापस हो जाती है।

खराब रास्ते: नदी या खेतों तक जाने के रास्ते बहुत खराब हैं। वहां सिर्फ ट्रक या बाइक ही जा सकती है। मैसेज मिलते ही वाहनों की लाइटें बंद हो जाती हैं।

स्क्रीनिंग प्लांट मालिक बोले- हमारी सुनने वाला कोई नहीं

प्लांट के मालिकों का कहना है कि खनन विभाग में 2 साल की 2-2 लाख रुपए फीस भरने के बाद एमडीएल लिया था। यही नहीं प्रदूषण विभाग में एक-एक लाख फीस जमा करवाई थी। प्लांट चलाने के लिए ट्रक और मशीनें खरीदी। करोड़ों रुपए खर्च किए। इसी बीच एक जुलाई को विभाग के डायरेक्टर अमिताभ ढिल्लों ने खनन कंपनी को टर्मिनेट कर दिया। इसके बाद किसी ठेकेदार को खनन का ठेका नहीं दिया गया। अब इस तामझाम को लेकर कहां जाएं। सरकार खनन का काम शुरू करे ताकि सरकार को राजस्व और प्लांटों को काम मिल सके।

खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह से सीधी बात

सवाल: एनजीटी की टीम ने शनिवार रात को खनन जोन से 21 वाहन पकड़े हैं। आपने आज तक इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं की है।
जवाब: नहीं, खनन विभाग भी साथ में था। लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थी। पहले रैकी की फिर कार्रवाई।
सवाल: विभाग के इंस्पेक्टर राज कुमार अकसर नारायणगढ़ में देखे जाते हैं। क्या उन्हें अवैध खनन की जानकारी नहीं थी।
जवाब: ऐसा नहीं है। विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। जब भी कोई सूचना मिलती है। विभाग के इंस्पेक्टर और गार्ड तुरंत पहुंचते हैं।
सवाल: इसके बावजूद कभी खनन करते वाहनों को नहीं पकड़ा गया है।
जवाब: पकड़े हैं। पहले बहुत पकड़े और जुर्माना लगाया है। यही नहीं मुकदमे भी दर्ज करवाए गए हैं।

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