PCOS Symptoms and Causes : आजकल की युवा पीढ़ी को कहाँ आजकल इतना वक़्त लगता है की वे अपनी सेहत पर भी ध्यान दे. इसी वजह से लड़कियों और महिलाओं में पीसीओएस जैसी समस्या देखने को मिलती है.
1 से लेकर 30 सितंबर तक मनाए जाने वाले पीसीओएस जागरूकता माह का उद्देश्य पीसीओएस से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करना. इसके लक्षणों को दूर करने के साथ-साथ इसके जोखिमों को कम करने में मदद करना है.
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पूरे एक महीने अलग-अलग कार्यक्रम के तहत महिलाओं में होने वाली इस समस्या के प्रति जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जाता है. आइए जानते हैं क्या है पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण, कारण और उपचार का तरीका.
पीसीओएस के लक्षण क्या हैं?
अनियमित पीरियड्स होना
पीरियड्स होने पर अत्यधिक ब्लीडिंग होना
पीठ, पेट, छाती, चेहरे और शरीर पर बालों का ज्यादा विकसित होना
चेहरे और पीठ पर एक्ने होना
वजन का बढ़ना, ओवरी में सिस्ट
बालों का झड़ना
शरीर के जोड़ वाली त्वचा का रंग गहरा होना जैसे गर्दन, कमर, ब्रेस्ट के अंदर की त्वचा
सिरदर्द होना
क्या डॉक्टर को दिखाएं?
आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या से गुजर रही हों, हर महिला को साल में एक बार स्त्रीरोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही, इन परिस्थितियों में चिकित्सक से सहायता लें:
अनियमित माहवारी, पीसीओएस से जुड़े लक्षण, जैसे अनचाहे बालों का बढ़ना, एक्ने, बाल झड़ना,
असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण ना कर पाना
यह है पीसीओएस का उपचार
आमतौर पर, डॉक्टर महिलाओं में पेल्विक परीक्षण, अल्ट्रासोनोग्राफी और हॉर्मोन से जुड़े ब्लड टेस्ट की मदद से पीसीओएस का पता लगाते हैं.
इसके अलावा, बांझपन से गुजर रहे रोगियों में समय पर ओव्युलेट ना कर पाने की स्थिति में लैप्रोस्कोपिक डिंबग्रंथि (ovarian) ड्रिलिंग की जा सकती है.
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पीसीओएस का पता लगने के बाद, सामान्यतौर पर उपचार में वजन कम करना, आहार और एक्सरसाइज जैसे लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव किए जाते हैं. कुछ मामलों में उपचार योजना में 3-6 महीनों के लिए हॉर्मोनल उपचार शामिल होता है.


