मैच से पहले देश भर में करोड़ों लोगों ने भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की
वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर खुशबू सुंदर का बयान, कहा- इसमें कोई गलत बात नहीं Khushbu Sundar World Cup Trophy Temple मुंबई, 11 मार्च (TNT)। हाल ही में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की। अब इस ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। इस बीच अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने आईएएनएस से बात करते हुए अपनी राय दी है। उनका कहना है कि खेल की जीत को धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि ट्रॉफी किसी एक धर्म की नहीं बल्कि पूरे देश की होती है।
जीत के लिए मैं अल्लाह के साथ-साथ भगवान और जीसस का भी शुक्रिया
Khushbu Sundar World Cup Trophy Templeआईएएनएस संग बातचीत में खुशबू सुंदर ने कहा, ”मैच से पहले देश भर में करोड़ों लोगों ने भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की थी। किसी ने अल्लाह से दुआ मांगी, तो किसी ने भगवान से प्रार्थना की। कई लोगों ने ईसा मसीह से भी दुआ की कि भारतीय टीम जीत जाए। मैं खुद मुस्लिम हूं, लेकिन टीम की जीत के लिए मैं अल्लाह के साथ-साथ भगवान और जीसस का भी शुक्रिया अदा करूंगी।”
ट्रॉफी को मंदिर, मस्जिद या चर्च कहीं भी ले जाने में कोई गलत बात नहीं
Khushbu Sundar World Cup Trophy Temple उन्होंने आगे कहा, ”ट्रॉफी को मंदिर, मस्जिद या चर्च कहीं भी ले जाने में कोई गलत बात नहीं है। धर्म हर व्यक्ति की निजी पसंद और विश्वास का विषय होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर कोई एक ही तरीके से अपनी खुशी व्यक्त करे। कुछ लोग मंदिर जाते हैं, कुछ लोग मस्जिद या चर्च में प्रार्थना करते हैं, और यह सभी तरीके सम्मान के योग्य हैं।
लोगों को इस बात पर बहस करने के बजाय टीम की उपलब्धि का जश्न मनाना चाहिए
Khushbu Sundar World Cup Trophy Templeअसली बात यह है कि भारतीय टीम ने जीत हासिल की है और इसके लिए भगवान का धन्यवाद करना स्वाभाविक है।” खुशबू सुंदर ने कहा, ”यह ट्रॉफी किसी एक धर्म या समुदाय की नहीं है। यह पूरे देश की ट्रॉफी है और इसे पूरे भारत की जीत के रूप में देखना चाहिए। भारत जैसे विविधता भरे देश में अलग-अलग धर्मों और मान्यताओं के लोग रहते हैं, लेकिन जब देश की टीम जीतती है तो वह जीत सभी की होती है। इसलिए इसे धर्म के नजरिए से देखना सही नहीं है।”
खुशबू ने टीम के कप्तान सूर्य कुमार का भी जिक्र किया
Khushbu Sundar World Cup Trophy Temple उन्होंने कहा, ”लोगों को इस बात पर बहस करने के बजाय टीम की उपलब्धि का जश्न मनाना चाहिए। जीत के लिए भगवान का धन्यवाद करना सकारात्मक भावना है। चाहे कोई अल्लाह का शुक्रिया अदा करे, भगवान को धन्यवाद दें या जीसस के सामने प्रार्थना करें, यह सब कृतज्ञता व्यक्त करने के अलग-अलग तरीके हैं।” इस दौरान खुशबू ने भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन का उदाहरण भी दिया।
Khushbu Sundar World Cup Trophy Temple उन्होंने कहा, “जब संजू सैमसन ने एक मैच में जीत हासिल की थी, तो उन्होंने अपने दिल पर क्रॉस का निशान बनाकर प्रार्थना की थी। मैं उनके इस भाव का सम्मान करती हूं, क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत आस्था है।” खुशबू ने टीम के कप्तान सूर्य कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, ”जीत के बाद कप्तान ने मैदान की मिट्टी उठाकर अपने सिर पर लगाई थी। यह किसी नियम या कानून में नहीं लिखा है, लेकिन यह खिलाड़ियों की भावनाओं और देश के प्रति उनके सम्मान को दिखाता है।” —आईएएनएस पीके/डीएससी


