If the police is harassing or does not register a case, then give it to the court, you can also complain to the Lokpal | पुलिस प्रताड़ित कर रही हो या मामला दर्ज नहीं करती है तो कोर्ट में इस्तगासा दें, लोकपाल को भी कर सकते हैं शिकायत

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झुंझुनूं34 मिनट पहले

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पुलिस किसी को बेवजह प्रताड़ित नहीं कर सकती।

  • जिले में बढ़ रहे पुलिस प्रताड़ना के मामलों के बीच अधिवक्ताओं ने कहा-कानून का सहारा लें

जिले में पुलिस प्रताड़ना के बढ़ते जा रहे मामलों के बीच एक सवाल यह है कि आमजन इसकी शिकायत कहां करे। पुलिस के खिलाफ ही अगर वह शिकायत लेकर थानों में जाता है तो मामला दर्ज नहीं किया जाता। कुछ मामले तो सामने आने पर उनमें या तो राजीनामे का दबाव बना दिया जाता है। कई मामले हैं जो सामने ही नहीं आ पाते। ऐसे मामलों में भास्कर ने अधिवक्ताओं की राय जानी तो कहा कि पुलिस किसी को बेवजह प्रताड़ित नहीं कर सकती। भास्कर की पहल पर कुछ अधिवक्ता निशुल्क राय देने सामने आए।

दैनिक भास्कर की पहल : अधिवक्ताओं ने दिए अपने मोबइल नंबर, पुलिस प्रताड़ना के मामलों में देंगे निशुल्क राय
^यदि ‘काेई पुलिस वाला आपकाे बेवजह उठा ले जाता है ताे यह आपके कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। आप इसके खिलाफ कानून का सहारा ले सकते हैं। आप उसके खिलाफ काेर्ट में परिवाद पेश कर सकते हैं। काेर्ट में बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। काेर्ट संबंधित काे तलब कर सकता है।
– माेहम्मद फारुक खान, पूर्व एपीपी, झुंझुनूं, 9414277786

^यदि बेवजह काेई पुलिसकर्मी मारपीट करता है ताे आप उसके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं। दर्ज नहीं हाेने पर एसपी काे शिकायत की जा सकती है। वहां भी सुनवाई नहीं हाेने पर सीआरपीसी की धारा 156 (3) में मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। ये आम आदमी का कानूनी अधिकार है।
एडवाेकेट अनिल कुमार झाझड़िया, झुंझुनूं, 6350188511

^बगैर उचित कारण के यदि काेई लाेकसेवक किसी काे जबरन गाड़ी में डालकर ले जाता है ताे उसके खिलाफ भी वहीं अपराध बनता है ताे आम आदमी के लिए। कई बार पुलिस अपने खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है ताे काेर्ट में इस्तगासा पेश कर सबूत करने पर कार्यवाही हाे सकती है।
– एडवाेकेट कैलाश कल्याण, मालूपुरा, 9782550368

^यदि काेई पुलिसवाला माेबाइल छीनकर ले जाता है या मारपीट करता है ताे उसकी उच्चाधिकारियाें से शिकायत करनी चाहिए। सुनवाई नहीं हाेने पर काेर्ट में इस्तगासा करना चाहिए। काेर्ट में सबूत पेश करने पर दाेषी के खिलाफ कार्यवाही हाे सकती है। डरने की बजाय कानून की मदद लेनी चाहिए।
– एडवाेकेट विजय कुमार शर्मा, मुकुंदगढ़, 9610209676

^पुलिस की मारपीट जैसे मामलाें में पीड़ित काे डरने की बजाय न्याय के लिए मामला दर्ज कराना चाहिए। पुलिस मामला दर्ज नहीं करती है ताे सीधा काेर्ट में इस्तगासा कर सबूत पेश करने चाहिए। अगर भ्रष्टाचार संबंधी मामले हैं ताे लाेकपाल काे शिकायत करनी चाहिए। न्याय जरूर मिलेगा।
– एडवाेकेट कृष्ण कुमार शर्मा, सूरजगढ़, 9414347065

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