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- यदि स्कूल खुलते हैं, तो सरकारी स्कूलों में अधिक छात्रों के साथ सामाजिक भेद बनाए रखने में समस्या होगी
कोटाएक घंटा पहले
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सरकार की काेविड-19 के तहत जारी एडवाइजरी के अनुसार नवंबर से गवर्नमेंट स्कूलाें में बाेर्ड कक्षाओं के संचालन काे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर स्कूलाें में साेशल डिस्टेंसिंग से लेकर अन्य व्यवस्थाओं काे लेकर संस्था प्रधान चिंतित हैं। उनका कहना है कि स्कूलाें में कमराें में एक साथ एक सेक्शन में 30 से अधिक स्टूडेंट्स हैं। ऐसे में एक कमरे में सीटिंग व्यवस्था में बड़ी परेशानियां हाेगी।
10वीं और 12वीं बाेर्ड की कक्षाओं में स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है। उनके लिए एक कमरे में एक साथ इतने स्टूडेंट्स काे बैठाना और दाे गज की दूरी की एडवाइजरी का पालना करवाना संभव नहीं हाेगा। वहीं, दूसरी ओर स्कूलाें में स्टूडेंट्स के लिए सेनेटाइजेशन सिस्टम और कमराें काे सेनेटाइजेशन करवाना बड़ी मुश्किल है। कुछ संस्था प्रधानाें का कहना है कि उन स्कूलाें में अधिक समस्या है। जहां स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है।
कक्षा में 60 स्टूडेंट्स हैं ताे कैसे हाेगी व्यवस्था
बाेर्ड की कक्षाओं में यदि 60 स्टूडेंट्स है ताे उन स्कूलाें में एक सब्जेक्ट में पढ़ाई करवाना शिक्षकाें के लिए बड़ी मुश्किल हाेगी। शिक्षकाें ने बताया कि एक शिक्षक 60 स्टूडेंट्स काे एक ही समय में किस तरह से पढ़ा सकेंगे। चूंकि कमराें में 16 से 20 स्टूडेंट्स ही बैठ पाते हैं। ऐसे में पढ़ाई करवाना संभव नहीं है।
- शिक्षक पढ़ाने के लिए तैयार हैं। लेकिन, साेशल डिस्टेंसिंग के साथ सुचारु रूप से शिक्षण की व्यवस्था हाे पाएं इसके लिए सरकार जल्द ग्राउंड प्लान तैयार करे। – मनोज भारद्वाज, राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक चरण केवट
- 10वीं, 12वीं बाेर्ड कक्षाओं के संचालन काे लेकर गाइड लाइन का इंतजार है। विभागीय स्तर पर भी हम लेसन प्लान तैयार करवाएंगे। – गंगाधर मीना, डीईओ माध्यमिक मुख्यालय
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