रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए तहसीलों के चक्कर काटने से लोगों को मिलेगी मुक्ति

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पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली, डिमार्केशन पोर्टल, व्हाट्सअप चैटबॉट तथा राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली के शुभारंभ अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा।

http://रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए तहसीलों के चक्कर काटने से लोगों को मिलेगी मुक्तिपेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली, डिमार्केशन पोर्टल, व्हाट्सअप चैटबॉट तथा राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली का हुआ शुभारंभ

लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा है कि जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी सभी सेवाओं को पूरी तरह कागज रहित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। प्रदेश सरकार की इस डिजिटल पहल से लोगों को अपने कार्यों के लिए राजस्व विभाग तथा तहसीलों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा राजस्व विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के शुभारंभ अवसर पर लघु सचिवालय परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली, डिमार्केशन पोर्टल, व्हाट्सअप चैटबॉट तथा राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वर्चुअल रूप से जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ भी जुड़े।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि आज से हरियाणा देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां पेपरलेस रजिस्ट्री और रियल-टाइम शिकायत निगरानी व्यवस्थाएं लागू हैं। पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली से पारदर्शिता, समयबद्धता सुनिश्चित होगी। डिमार्केशन पोर्टल से जी-रोवर नाम के रोबोटिक उपकरण से जमीनों की पैमाइश होगी। इसके माध्यम से एक हजार रुपये प्रति एकड़ की फीस लगेगी जो पहले 25 से 30 हजार रुपये लगती थी। इसके अतिरिक्त भू-मित्र व्हाट्सअप चैटबॉट के माध्यम से जमाबंदी की फर्द लेने के अतिरिक्त कोई भी सूचना प्राप्त करने, शिकायत दर्ज करने तथा अपॉइंटमेंट लेने की प्रक्रियाएं सरलता से की जा सकेंगी।


कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उपरोक्त के अलावा रेवेन्यू कोर्ट सिस्टम को भी डिजीटाइज किया जा रहा है। इसके माध्यम से राजस्व न्यायालय की निगरानी रखी जाएगी, जिससे कई-कई दशकों तक चलने वाले राजस्व मामलों का त्वरित निपटान होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से रजिस्ट्रेशन, नामांतरण, नक्शा पासिंग और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं तेज़, पारदर्शी और पेपरलेस होंगी। रजिस्ट्री वाले दिन केवल मूल कागज लेकर दफ्तर में एक बार आना होगा, जहां बायोमेट्रिक और हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होगी। वाट्सएप चैटबॉट से आवेदन की स्थिति, फीस और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। इससे समय, मेहनत और बिचौलियों पर होने वाला खर्च बचेगा और रिकार्ड सीधे डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रहेगा।


इस अवसर पर हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता, उपायुक्त अनीश यादव, भूपेंद्र पनिहार, जितेंद्र पनिहार, हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, बरवाला एसडीएम डॉ वेद प्रकाश बेनीवाल, नगराधीश हरिराम, डीआईओ दीपक भारद्वाज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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