हमें गणना नहीं, गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए: डा. अरशिंदर सिंह चावला
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) के 13वें विश्वविद्यालय स्तरीय युवा महोत्सव ‘प्रबोधिनी’ का शुक्रवार को विश्वविद्यालय के महाराणा प्रताप खेल स्टेडियम में में रंगारंग आगाज हुआ। तीन दिवसीय युवा समारोह के उद्घाटन समारोह में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक डा. अरशिंदर सिंह चावला, आईपीएस मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। कुलसचिव डा. विजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डा. अरशिंदर सिंह चावला, आईपीएस की धर्मपत्नी श्रीमती मीनू चावला, विश्वविद्यालय की प्रथम महिला डा. वंदना बिश्नोई व कुलसचिव डा. विजय कुमार की धर्मपत्नी श्रीमती रजनी शर्मा व डीन स्टूडेंटस वेल्फेयर प्रो. एम.के. शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।http://गुजविप्रौवि में हुआ 13वें विश्वविद्यालय स्तरीय युवा महोत्सव Youth Festival प्रबोधिनी का आगाज

मुख्यातिथि डा. अरशिंदर सिंह चावला, आईपीएस ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में हमें गणना नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। हमारे युवाओं में अपार क्षमताएं हैं। अनुशासन ही सफलता का आधार है। जो व्यक्ति अपना कार्य अनुशासन व मर्यादा में रहकर पूरी लगन से करता है, उसकी क्षमता का सभी लोहा मानते हैं। जीवन में चुनौतियां आती रहती हैं, लेकिन उनका सामना दृढ़ता व निश्चयता से करना चाहिए। चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता युवाओं में होती है। उन्होंने कहा कि में भारतीयता पर गर्व होना चाहिए। कम से कम दिन में एक घंटे के लिए ये संकल्प जरूर लें कि इस घंटे में हम हर काम नियमानुसार करेंगे तथा किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे। जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हम ठीक चलेंगे तो दुनिया अपने आप ठीक चलने लगेगी।
युवा शक्ति सजग होती है, तो वह राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है : प्रो. नरसी राम बिश्नोई
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस अवसर कहा कि युवा महोत्सव में विद्यार्थियों को कला,संस्कृति व साहित्य की परम्पराओं को जीवंत करने का एक मंच मिलता है। साथ ही ये महोत्सव भारत की महान व प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को भी सहेजते हैं। उन्होंने कहा कि उत्सव तभी सार्थक हैं, जब हम अनुशासन के साथ इनमें भाग लें। युवा शक्ति सजग होती है, तो वह राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है। उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में यूटीडी तथा विश्वविद्यालय से संबद्ध 26 महाविद्यालयों के 2200 प्रतिभागी संगीत, नृत्य, साहित्यिक, ललित कला तथा नाट्य विधाओं में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एम.के. शर्मा ने अपने स्वागत सम्बोधन में युवा महोत्सव की तीन दिन तक चलने वाली गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि युवा महोत्सव में 46 विधाओं में प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुजवि में गाया गया राष्ट्रीय गीत ‘ वंदे मातरम्‘
समारोह में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर वंदे मातरम का गायन भी किया गया। धन्यवाद संबोधन सांस्कृतिक मामलों की निदेशिका डा. तरूणा ने दिया। संचालन डा. गीतू धवन तथा डा. पल्लवी ने किया। उद्घाटन समारोह शुरु होने से पहले शानदार शोभा यात्रा निकाली गई। ढोल तथा नगाड़ों की धुन पर विश्वविद्यालय के अतिथि व अधिकारी भी झूमे।

सात मंचों पर हुए युवा महोत्सव के कार्यक्रम
युवा महोत्सव के दौरान शुक्रवार को महाराणा प्रताप स्टेडियम में कल्चरल प्रोसेशन एवं उद्घाटन के बाद क्लासिकल डांस सोलो व कोरियोग्राफी विधाओं का आयोजन किया गया। मेन हॉल में वन एक्ट प्ले (संस्कृत), मिमिक्री व माइम विधाएं हुई। मयूर रंग मंच पर हरियाणावी ओरकैस्ट्रा, फॉक इंस्ट्रूमेंटल (हरियाणवी) सोलो व स्वांग की प्रस्तुतियां दी गई। सेमिनार हॉल शिक्षण खंड-4 में वैस्ट्रन वोकल सोलो, वैस्ट्रन इंस्ट्रूमेंटल सोलो, ग्रुप सॉंग वैस्ट्रन, फॉक साँग हरियाणवी सोलो व ग्रुप सॉंग हरियाणवी विधाएं हुई। सीआरएस के सेमिनार हॉल-1 में क्विज विधा का आयोजन किया गया। सीआरएस के सेमिनार हॉल-2 में विद्यार्थियों ने पोइट्री रिसाइटेशन (हिंदी), पोइट्री रिसाइटेशन (इंगलिश), पोइट्री रिसाइटेशन (पंजाबी), पोइट्री रिसाइटेशन (हरियाणवी) व पोइट्री रिसाइटेशन (उर्दू) प्रस्तुतियां दी। सीआरएस के क्रश हॉल में ऑन द स्पॉट पेंटिंग, मेहंदी, रंगोली, स्पॉट फोटोग्राफी, पोस्टर मेकिंग व कोलाज विधाओं का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों ने साहित्यिक ललित कलाएं तथा नाट्य विधाओं की प्रस्तुतियों में एक तरफ जहां अपनी शानदार कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर देश तथा समाज के विभिन्न मुद्दों को भी मुखरता से उठाया। विद्यार्थियों ने संगीत तथा नृत्य कलाओं के कार्यक्रम की प्रस्तुतियों में भारतीय तथा लोक संगीत व नृत्य की विधाओं की शानदार प्रस्तुतियां दी। दर्शकों ने सभी प्रस्तुतियों को सराहा।
शनिवार को महाराणा प्रताप स्टेडियम में सोलो डांस (हरियाणवी)-मेल, सोलो डांस (हरियाणवी)-फीमेल व ग्रुप डांस हरियाणवी विधाएं होंगी। मेन हॉल में स्किट (हिंदी) व वन एक्ट प्ले (हिंदी) विधाएं होंगी। मयूर रंग मंच पर स्किट (हरियाणवी), रिचुअल व स्वांग विधाएं होंगी। सेमीनार हॉल शिक्षण खंड-4 में क्लासिकल वोकल सोलो, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो (प्रकसन), क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो (नॉन-प्रकसन), फॉक सॉंग (जनरल) सोलो, ग्रुप सॉंग (जनरल-इंडियन) व लाइट इंडियन वोकल सोलो विधाएं होंगी। सीआरएस के सेमिनार हॉल-1 में डिबेट व इलोक्यूशन विधाएं होंगी। सीआरएस के क्रश हॉल में कार्टूनिंग, इंस्टालेशन, क्ले मॉडलिंग विधाएं होंगी।


