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- हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने जहरीली शराब के कारण मौत के मामलों को सुलझाने के लिए एसआईटी का गठन किया
सोनीपत39 मिनट पहले
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हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज
- सरकार की हो रही है किरकिरी, विपक्ष भी लगातार उठा रहा मुद्दा, सीएम के इस्तीफे पर अड़े
हरियाणा के सोनीपत में जहरीली शराब कांड मामले में हो रही फजीहत और किरकिरी के बीच गृहमंत्री अनिल विज ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। मंत्री विज ने अब एक एसआईटी का गठन किया है, जिसे मामले की तह तक पहुंचकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
नारकोटिक्स ब्यूरो के चीफ एडीजीपी श्रीकांत जाधव एसआईटी के अध्यक्ष होंगे। इसमें अम्बाला रेंज के आईजी वाई पूरण कुमार, कुरुक्षेत्र के एसपी राजेश दुग्गल, करनाल के एसपी गंगाराम पूनिया व मेवात के एसपी नरेंद्र बिजारणियां को शामिल किया गया।
मंत्री विज ने बताया कि शराब कहां से आई और यह लोगों तक कैसे पहुंची, एसआईटी पता लगाएगी। परिजनों की शिकायतों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। एसआईटी 15 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। इससे पहले सोनीपत और पानीपत में भी दो एसआईटी बनाई गई थीं।
सोनीपत में ठेकेदार के साझेदार समेत 6 काबू
सोनीपत में सीआईए-1 ने रविवार को मोहाना रोड स्थित लाइसेंसी ठेके से नकली शराब बेचने के आरोपी ठेकेदार बैंयापुर निवासी सतपाल के पार्टनर अमित राठी, बाघडू निवासी सप्लायर रणवीर व सोनीपत और खरखौदा पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री के लिए मशीन सप्लाई करने वाले थाना कलां निवासी मोहित को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने भिगान, मोहाना व देवडू में रेड कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक हजार बोतल से ज्यादा शराब पकड़ी है।
अब तक 47 की जान जा चुकी है
गौरतलब है कि पिछले छह दिन में जहरीली शराब का सेवन करने से हरियाणा में 47 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा सोनीपत में 36, पानीपत में 8 और फरीदाबाद में 3 की मौत हुई है। यह मसला विधानसभा में भी उठा और इस दौरान गृह मंत्री अनिल विज ने सिर्फ 9 लोगों की मौत की बात कही।
राज्य सरकार ने शनिवार को मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही शराब को अवैध रूप से बेचने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की जा रही है। यह अलग बात है कि मौतों के आंकड़े को लेकर प्रदेश की सरकार और हकीकत में बहुत बड़ा झोल है।
सीएम दे चुके हैं विवादित बयान
मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विवादित बयान दे चुके हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने मामले में इस्तीफे की मांग संबंधी सवाल के जवाब में बयान दिया। उन्होंने कहा कि समाज में, किसी भी प्रदेश में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में पंजाब के तरनतारन में भी ऐसा कांड हुआ था।
1980 से 2004 तक ऐसी 12 घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक किसने कितनी बार रिजाइन किया। 1980 में नरवाना में हुआ था। ये ओछी बातें हैं।
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