पेटीएम के यूजर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है. एनपीसीआई ने पेटीएम को थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर (टीपीएपी0 के रूप में काम करने की अनुमति दे दी है. एनपीसीआई ही यूपीआई की जनक और संचालक है. पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 को मल्टी बैंक मॉडल के तहत थर्ड पार्टी एप्लीकेशन के तौर पर काम करने की अनुमति दी गई है. एक्सिस, एचडीएफसी, एसबीआई और येस बैंक पेटीएम के पार्टनर बैंक के तौर पर काम करेंगे.
एनपीसीआई ने कहा है कि येस बैंक पेटीएम के मौजूदा व नए यूपीआई ग्राहकों के लिए एक्वायरिंग बैंक के रूप में काम करेगा. इससे पेटीएम के ग्राहकों को बिना किसी बाधा के भुगतान करने व ऑटोपे को जारी रखने में मदद मिलेगी. एनपीसीआई ने पेटीएम को कहा है कि सभी मौजूदा हैंडल्स और मेंडेट्स को जल्द से जल्द नए पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (पीएसपी) पर स्थानांतरित कर दें.
क्या होता है थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर?
पेटीएम का थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर लाइसेंस मंजूरी का मतलब है कि ग्राहक पेटीएम ऐप से यूपीआई पेमेंट्स करना जारी रख सकेंगे. लोग पेटीएम पर दूसरे बैंक अकाउंट (पेटीएम बैंक को छोड़कर) को जोड़कर यूपीआई पेमेंट को चालू रख पाएंगे. बता दें कि थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर ऐसे प्लेटफॉर्म होते हैं जो एनपीसीआई की यूपीआई पेमेंट सर्विस देते हैं. फोनपे (PhonePe) से लेकर गूगलपे (Google Pay) तक सभी थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर हैं.
क्या थी समस्या
पेटीएम पर संकट के बादल इसलिए मंडरा रहे थे क्योंकि पहले पेटीएम अपनी भुगतान सेवा पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) के जरिए दे रहा था. पेटीएम पेमेंट्स पर बैंक पर आरबीआई ने प्रतिबंध लगा दिया था. आरबीआई ने कहा था कि 29 फरवरी के पेटीएम पेमेंट्स बैंक नए ग्राहक नहीं जोड़ पाएगा. इतना ही नहीं 15 मार्च के बाद लोग पेटीएम पेमेंट्स बैंक में नया फंड भी नहीं जोड़ पाएंगे. इसका सीधा असर पेटीएम की नॉर्मल पेमेंट ऐप पर होता जिसका इस्तेमाल आम लोग बड़ी संख्या में करते हैं. अब पेटीएम यह सुविधा पीपीबीएल की जगह नए पार्टनर बैंकों के माध्यम से देगा.

