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पटना4 घंटे पहलेलेखक: बृजम पांडेय

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समस्तीपुर सांसद राम चंद्र पासवान का निधन जुलाई 2019 में हो गया था।

  • दरभंगा की सरकारी वेबसाइट में दिखी प्रशासनिक लापरवाही
  • अंतिम बार 12 अक्टूबर को किये अपडेट में भी नहीं सुधरी गलती

क्या कोई मृत व्यक्ति आपका जनप्रतिनिधि हो सकता है, नहीं ना? लेकिन ऐसा बिहार में हो रहा है। बिहार के दरभंगा प्रमंडल की सरकारी वेबसाइट पर तो कुछ ऐसा ही दिख रहा है। एक साल पहले जिस सांसद का निधन हो गया है, उनको भी वेबसाइट के जरिए जिंदा रखा जा रहा है। कोरोना से जिस एमएलसी का निधन हो गया है, उनको भी दरभंगा प्रशासन ने जिंदा रखा है।

बिहार में चुनाव है और इस समय जिला मुख्यालय की भूमिका बढ़ जाती है। जिला या प्रमंडल की जानकारी के लिए हर कोई सरकारी वेबसाइट पर विश्वास करता है। इस आशा में कि यहां दी गई जानकारी सही और सटीक होगी। लेकिन दरभंगा प्रमंडल की सरकारी वेबसाइट का हाल ‘सरकारी’ जैसा ही है। ऐसा नहीं है कि दरभंगा का सरकारी वेबसाइट अपडेट नहीं हुआ है। 12 अक्टूबर को इसे अपडेट भी किया गया है। लेकिन जो नहीं अपडेट हुआ है, वो है मृत सांसद और एमएलसी का नाम।

वेबसाइट पर दिख रही आखिरी अपडेट की तारीख 12 अक्टूबर है।

वेबसाइट पर दिख रही आखिरी अपडेट की तारीख 12 अक्टूबर है।

समस्तीपुर सांसद राम चंद्र प्रसाद पासवान हैं

दरभंगा जिला ही नहीं प्रमंडल भी है। इस प्रमंडल में दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिले हैं। दरभंगा के सरकारी वेबसाइट पर निर्वाचन क्षेत्र की सूची में सबकुछ तो ठीक है, लेकिन इसमें समस्तीपुर के सांसद का नाम अपडेट नहीं किया गया है। वो अब तक ‘राम चंद्र प्रसाद पासवान’ ही हैं, जिनका निधन पिछले साल हो चुका है। अब उनके पुत्र प्रिंस राज समस्तीपुर के सांसद हैं।

शुक्रवार रात 8 बजकर 30 मिनट पर लिया गया वेबसाइट का स्नैप-शॉट।

शुक्रवार रात 8 बजकर 30 मिनट पर लिया गया वेबसाइट का स्नैप-शॉट।

एमएलसी सुनील कुमार सिंह भी जिंदा हैं

यही नहीं, दरभंगा के स्थानीय निकाय से एमएलसी सुनील कुमार सिंह का निधन कोरोना से तीन माह पहले हो गया था। लेकिन वेबसाइट पर सुनील कुमार सिंह आज भी जिंदा हैं। दरभंगा प्रशासन ने अभी तक इस जानकारी को अपडेट करने की जहमत नहीं उठाई है।

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