Patna District Administration couldn’t comply with NGT order regarding Firecrackers Ban | दीपावाली के दिन भी बिकते रहे पटाखे, होती रही आतिशबाजी; पटना के हर मोहल्ले में चलता रहा कारोबार

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पटना2 घंटे पहले

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पटना के एक पटाखा दुकान में हो रही खरीदारी।

  • NGT के आदेश का पालन नहीं करा पाया प्रशासन
  • दुकानों का आधा माल खपने के बाद जारी हुआ डीएम का आदेश

दीवाली का धमाका हर सांस पर भारी पड़ेगा। पटना की विषैली हवा में घुलने वाला पटाखों का धुआं लोगों की सेहत पर हमला करेगा। NGT ने पटना सहित देश के 122 शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया था। इसके पीछे बड़ा कारण संबंधित शहरों की हवा का विषैला पाया जाना था। इस आदेश के बाद भी पटना में ना पटाखों के कारोबार, ना ही आतिशबाजी पर अंकुश लगी है। दीवाली के दिन शनिवार को शाम होते ही आतिशबाजी शुरू हो गई जो रात तक चलती रही।

जब सजी दुकानें तो गंभीर हुआ प्रशासन

पटना के गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजार तक जब पटाखों की दुकान सज गई, तब प्रशासन को NGT के आदेश की याद आई। गुरुवार की सुबह से ही पटना में पटाखों की दुकान सज गई थी। शुक्रवार को ही अधिकतर लोगों ने पटाखा खरीद लिया था। जब दुकानों का आधा से अधिक पटाखा खप गया तो डीएम का आदेश जारी हुआ।

डीएम के आदेश पर भी नहीं हुई कार्रवाई

NGT के आदेश पर देर से ही सही, लेकिन डीएम गंभीर हुए और इसके अनुपालन में उन्होंने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को किसी भी दुकानदार को पटाखा की बिक्री से संबंधित लाइसेंस निर्गत नहीं करने का निर्देश दिया। हालांकि इसके पहले ही दुकानों पर जमकर बिक्री हो चुकी थी। डीएम कुमार रवि ने शुक्रवार की शाम जारी आदेश में थानाध्यक्षों को पटाखा की बिक्री एवं उपयोग पर रोक लगाने को भी कहा था, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश था, लेकिन पुलिस कहीं भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। इसका नतीजा था कि खूब आतिशबाजी हुई। न तो बिक्री पर प्रतिबंध लगा और ना ही आतिशबाजी पर। डीएम ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को इस आदेश का प्रभावी से पालन करने को कहा था, लेकिन कहीं कोई मानिटरिंग नहीं हुई।

अनदेखी का बड़ा खतरा

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) नई दिल्ली ने आदेश पारित किया था कि वर्ष 2019 में देश के जितने भी शहरों की हवा विषैली पाई गई थी वहां इस बार पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। देश के 122 शहर इस दायरे में आए, जिसमें पटना भी शामिल था। इसके बाद बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा वायु की गुणवत्ता के स्तर में गिरावट को देखते हुए पटना शहरी क्षेत्र में पटाखों की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया, लेकिन प्रशासन की सख्ती नहीं होने से आदेश हवा हवाई हो गया। जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की गई।

डीएम ने की है अपील, डॉक्टर बोले – जागरुक हो जाएं

जिलाधिकारी कुमार रवि ने जनहित में सभी नागरिकों से पटाखा की बिक्री एवं उपयोग नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं वायु की गुणवत्ता में सुधार हेतु भी पटाखा की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध आवश्यक है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। पटना की हवा दिन-प्रतिदिन प्रदूषित हो रही है। दीवाली के बाद इसमें और गिरावट होने की बात कही जा रही है। पर्यावरण एक्सपर्ट सुनील कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में पटना के हवा की जो स्थिति है, वह फेफड़े और दमा के साथ हृदय रोगियों के लिए भी खतरनाक है। एनएमसीएच के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर संजय कुमार का कहना है कि दीवाली में अगर पटाखों को लेकर सख्ती नहीं हुई और लोगों के अंदर इसे लेकर जागरुकता नहीं रही तो कोरोना काल में यह प्रदूषण सेहत पर भारी पड़ेगा।

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