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शिमला7 घंटे पहले
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दमकल कर्मियों द्वारा आग पर काबू पाए जाने के बाद मौके पर मौजूद लोग।
- एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, एसडीएम भी मौके पर पहुंचे
दिवाली से पहले लोअर बाजार में आग लग गई। यह आग कपड़े के शोरूम बंदना इंपोरियम में सुबह करीब पौने ग्यारह बजे लगी। गनीमत रही है कि बीच बाजार में लगी आग को समय रहते काबू कर लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। अगर आग को समय पर काबू नहीं किया गया होता, यह आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लेती।
आग से करीब चार लाख का नुकसान आंका गया है। आग कैसे लगी यह साफ नहीं हो पाया है, आशंका जताई जा रही है कि शॉट सर्किट की वजह से आग लगी। शिमला के सबसे पुराने लोअर बाजार में एक शोरूम नरेंद्र पाल का जबकि दूसरा शोरूम उनके भाई जसपाल सिंह का है। ये शोरूम लेडिज सूट्स के हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते हैं। हालांकि जब सुबह आग लगी तब ग्राहक बाजार में कम ही थे।
बाजार तब खुला ही था। बंदना ईंपोरियम भी खुल गया था। इस बीच करीब पौने ग्यारह बजे आसपास के दुकानदारों ने इंपोरियम की छत से धुआं उठते देखा। दुकानदारों ने इस बारे में शोरूम के मालिक को बताया और इसकी तत्काल फायर बिग्रेड को सूचना दी। इस बीच आग तेजी से फैलती गई।
इससे बाजार में अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड भी पहुंची और आग पर काबू पाया। स्टेशन फायर आफिसर मालरोड बालकृष्ण ठाकुर ने कहा है कि आग लगने पर मौके के लिए पांच गाड़ियां भेजी गईं। आग को लोगों की मदद से काबू किया गया। आशंका है कि शॉट सर्किट की वजह से आग लगी है।
शोरूम में लाखों के सूट हुए खराब
आजकल त्यौहारी सीजन है, ऐसे में शोरूम में ज्यादा माल रखा था। आग से स्टोर में रखे कपड़े तो जल गए साथ में शोरूम में पानी पड़ने से काफी सूट खराब हो गए। हालांकि कुछ माल पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। मगर इनमें से काफी संख्या में सूट खराब हो गए।
आग से करीब चार लाख का नुकसान आंका गया है। शोरूम में आग लगने पर एसडीएम शहरी मंजीत शर्मा अन्य अधिकारियों और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
आसपास के दुकानदारों ने मजदूरों की मदद से छत उखाड़ी
लोअर बाजार कंजस्टिड होने के कारण मालरोड से दो फायर की गाड़ियों को आग बुझाने के काम में लगाया गया। यहां से तीन पाइपें गाड़ियों से जोड़कर आग को काबू करने का प्रयास किया गया। स्थानीय दुकानदारों ने भी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की मदद की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू कर लिया गया।
एक गाड़ी डीसी आफिस की ओर से मौके के लिए भेजी गई। वहीं एक अन्य गाड़ी शेरे पंजाब की ओर से घटनास्थल के लिए भेजी। इसके बाद इसको पूरी तरह बुझाने में करीब एक और घंटा लगा। आग के समय बाजार में भीड़ भी बढ़ने लगी थी। ऐसे में एंपोरियम के दोनों ओर से बाजार को बंद करना पड़ा। बाजार को तब तक नहीं खोला गया जब तक आग को पूरी तरह से काबू नहीं किया गया।
इसमें आपका का ही हित, फायर ब्रिगेड के लिए जगह छोड़कर रखें
शिमला| लोअर बाजार में फायर बिग्रेड के लिए पर्याप्त जगह छोड़ें, यह आप सभी के हित में है। अगर कहीं आग लग जाती है और फायर बिग्रेड समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचती तो इससे भीषण आग लग सकती है। ऐसे में यह जरूरी है कि फायर बिग्रेड के लिए बाजार में जगह रखें, जिससे की आग की घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सके।
त्यौहारी सीजन के चलते दुकानदार ज्यादा से ज्यादा माल दुकानों में डाल रहे हैं। लोअर बाजार में भी दुकानें माल भरी पड़ी हैं। इसके चलते कई दुकानदार बाजार में दुकानें आगे बढ़ा रहे हैं। कई जगह दुकानों के बाहर होर्डिंग भी लगाई जा रही हंै। वहीं रेहड़ी-फड़ी वाले भी अपना सामान बाजारों में सजाने रहे हैं।
इससे बाजार में लोगों के लिए चलने की जगह तो कम पड़ रही है, वहीं इससे एमरजेंसी में फायर ब्रिगेड के गुजरने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। लोअर बाजार शहर का सबसे पुराना बाजार है, जहां लकड़ी के भवन और दुकानें बनी हुई हैं। ऐसे में अगर कहीं आग लगती है तो इससे बाजार में बड़ा नुकसान हो सकता है।
हालांकि फायर बिग्रेड समय-समय पर लोअर बाजार में मॉकड्रिल भी करती रहती है ताकि आग लगने की स्थिति में फायर गाड़ी को निकलने के लिए जगह बनी रहे। लेकिन देखने में आया है कि मॉकड्रिल के समय दुकदानदार अपनी दुकानें पीछे हटा देते हैं और रेहड़ी फड़ी वाले भी हट जाते हैं। इसके बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। ऐसे में सभी के हित में यह जरूरी है कि बाजार में फायर बिग्रेड के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे।
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