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गुरदासपुर18 घंटे पहले
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केंद्र की तरफ से पास किए गए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि किसानों ने शुक्रवार को रेलवे प्लेटफार्म से धरना उठाकर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में शिफ्ट कर दिया था। शनिवार को भी किसान रेलवे ट्रैक से करीब 200 मीटर दूर स्टेशन की पार्किंग में धरने पर बैठे रहे। ज्ञात रहे कि किसानों ने खेती बिलों के विरोध में 21 अक्टूबर तक रेलवे ट्रैक पर धरना लगाया था। इसके बाद ट्रैक खाली कर 22 अक्टूबर से किसान रेलवे प्लेटफार्म पर धरने पर जा बैठे थे।
यहां पर लगातार धरना देने के बाद 6 नवंबर को किसानों ने रेलवे प्लेटफार्म भी खाली कर दिया और अब रेलवे स्टेशन की पार्किंग में धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने मालगाड़ियों के आवागमन के लिए ट्रैक खाली किए हैं, लेकिन वे पैसेंजर ट्रेनों को चलने नहीं देंगे। जिले में किसान केवल गुरदासपुर रेलवे स्टेशन के पास ही रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए थे।
किसान संगठनों ने 21 अक्टूबर तक ट्रैक पर धरना देने के बाद 22 से प्लेटफार्म पर लगाया था मोर्चा
बोले-मालगाड़ियों को कोई आंच नहीं आने देंगे
स्टेशन की पार्किंग में धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि केवल मालगाड़ियों को ही चलाने की इजाजत दी गई है। केंद्र सरकार रेलवे ट्रैक खाली न होने के बहाने बना रही है, जबकि ट्रैक और प्लेटफार्म खाली किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों को चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मालगाड़ियों, उनके ड्राइवरों और स्टाफ को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
कहा-जानबूझकर हल नहीं निकाल रहा केंद्र
धरने का नेतृत्व कर रहे जसबीर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरदीप सिंह, मक्खन सिंह, एसपी सिंह, बलबीर सिंह, कश्मीर सिंह, गुलजार सिंह, अशोक ने कहा कि केंद्र जानबूझ कर मसला हल नहीं कर रहा है। विश्व व्यापार संस्था और विश्व बैंक के दबाव में सार्वजनिक संस्थानों को निजीकरण नीति के तहत खत्म किया जा रहा है। कृषि कानूनों के रद्द होने तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। यहां सुखदेव सिंह बागड़िया, कर्म सिंह, अमरजीत सिंह, गुरनाम सिंह, बलबीर सिंह, अविनाश सिंह, गुरदीप सिंह, गुरमीत सिंह, पलविंदर सिंह, लक्खा सिंह आदि मौजूद थे।
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