नेशन टाइम्स

नई दिल्ली। पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आ’तंकी हमले में इस मां का इकलौता बेटा शहीद हो गया। जैसे ही शहादत की खबर घर पहुंची मां-बाप बदहवास हो गए, गांव भर में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद की पहचान आनंदपुर साहिब में नूरपुरबेदी ब्लाक के गांव रौली निवासी कुलविंदर सिंह के रूप में हुई।

कुलविंदर 28 साल के थे और इसी महीने 10 तारीख अपने घर से ड्यूटी पर लौटे थे। कुलविंदर अपने मां-बाप का एकलौता बेटा था, जो अपने घर की गरीबी को दूर करने के लिए सेना में भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि कुलविंदर के पिता ड्राइवरी करते थे। मां बीमार रहती हैं।

कुलविंदर अपने मां-बाप का सहारा बनने के लिए सेना में भर्ती हुआ था, लेकिन भगवान ने उनसे उनके बुढ़ापे का सहारा एक झटके में छीन लिया। अब दोनों बेबस लाचार हैं, लेकिन बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है।

बताया जा रहा है कि आनंदपुर साहब के साथ लगते गांव लोदीपुर की रहने वाली लड़की से कुलविंदर का मंगना हुआ था। लेकिन उसे क्या पता था कि शादी से पहले ही होने वाले पति को मौत अपने आगोश में ले लगी। शहादत की खबर से लड़की के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है। स्थानीय मीडिया के अनुसार लड़की का कहना है अब वो कहीं और शादी नहीं करेगी।

बता दें कि पुलवामा में पंजाब के 4 जवानों की शहादत के शोक में पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सदन में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं की जानी चाहिए बल्कि सख्त एक्शन किया जाना चाहिए।