Depression in relationship : आजकल पहले जितने मजबूत रिश्ते कहाँ ही रह गए है. दरअसल, आजकल के इन रिश्तो में तनाव इतना बढ़ गया है की डिप्रेशन (Relationship Depression) जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं.
जब इंसान डिप्रेशन में होता है तो उसके शारीरिक और मानसिक सेहत में काफी बदलाव देखने को मिलता है और वह खुद से ही जूझता दिखता है.
अकेला होने लगता है महसूस
रिलेशनशिप डिप्रेशन में इंसान हर वक्त उदास महसूस करता है, गिल्ट में रहता है और खुद की अहमियत पर सवाल उठाने लगता है.
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हर वक्त वह इरिटेट और गुस्से में जीने लगता है, खुद से भरोसा उठने लगता है, थकान महसूस करता है, उसे निर्णय लेने में असुविधा होती है, धीरे धीरे उसे अपनी हॉबीज से भी इंट्रेस्ट कम होने लगता है और उसके अंदर खुदकुशी के खयाल आने लगते हैं.
इसकी वजह रिलेशनशिप में रहते हुए भी एक दूसरे से प्यार ना मिलना, एक दूसरे का ध्यान ना रखना, पार्टनर से दूरी बना लेना, एक दूसरे पर भरोसा ना करना, रिलेशनशिप में रहते हुए भी अकेलापन महसूस होना, हर वक्त चिड़चिड़ापन रहना हो सकता है.
कॉम्यूनिकेशन गैप
इसकी सबसे बड़ी वजह आपस में खुलकर बातचीत ना होना या कॉम्यूनिकेशन गैप का होना हो सकता है. आप उससे साथ घूमने या बाहर टहलने के लिए कहें और महसूस कराएं कि आप उसके लिए हमेशा मौजूद हैं.
अगर आपके पार्टनर में इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों पर जरूर ध्यान दें. मसलन, प्रयास करें कि आप अपने पार्टनर के करीब रहें, उसके लिए थोड़ा समय निकालें और बिना अधिक एक्सपेक्टेशन के क्वालिटी टाइम निकालें.
लोगों को गलतफहमी है कि डिप्रेशन में लोग केवल उदास ही रहते हैं या आंसू ही बहाते रहते हैं, लेकिन आपको बता दें कि हर वक्त गुस्से में रहना भी डिप्रेशन का ही लक्षण है.
सीरियसली बिहेव करें
इसलिए आप अपने पार्टनर के इस बिहेव को सीरियसली लें और उसे यह महसूस कराने का प्रयास करें कि आप उनको समझने का प्रयास कर रहे हैं.
डिप्रेशन में इंसान खुद को अपने अंदर समेटने लगता है और उसे अपने पार्टनर से बातें शेयर करने में परेशानी आने लगती है. उसे फेस टू फेस बात करने की एनर्जी महसूस नहीं होती.
इसलिए आप अपने पार्टनर को ईमेल, मैसेज या चिट्ठी लिखकर अपनी बात शेयर कर सकते हैं. अगर आपका पार्टनर कुछ ऐसा करना चाह रहा है तो उसकी बातों को सीरियसली लें और पेशेंस के साथ उससे बात करने का प्रयास करें.


