15 साल की उम्र में बनाई महिलाओं को बचाने वाली डिवाइस, और आज किया ऐसा मुकाम हासिल

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डिवाइस : जेईई मेन 2024 के सेशन-2 में 100 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल करने वाले देश के 56 टॉपर्स में से एक अर्चित पाटिल भी हैं. लेकिन महराष्ट्र के रहने वाले अर्चित पाटिल की सिर्फ इतनी सी उपलब्धि नहीं है. यह जीनियस लड़का एक इन्वेंटर भी है. अर्चित पाटिल ने साल 2022 में महिलाओं की जान बचाने वाली एक कमाल की डिवाइस बनाई थी. उस वक्त अर्चित की उम्र महज 15 साल थी. अर्चित ने जो डिवाइस विकसित की है, उसका नाम पोस्टपार्टम हैमरेज (PPH) कप है. बच्चों को जन्म देते समय महिलाओं में होने वाले ब्लड लॉस को यह डिवाइस रियल टाइम मापती है.

जेईई टॉपर अर्चित पाटिल ने इंडियन एक्सप्रेस को इंटरव्यू में बताया कि वह 10वीं पास करने के बाद ही जेईई की तैयारी करने राजस्थान के कोटा चले गए थे. पाटिल की मां डॉ. अर्चना पाटिल एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट हैं. बेटे की तैयारी में मदद के लिए साथ में वह भी कोटा गई थीं. उनके पिता डॉ. राहुल पाटिल एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं.

कंप्यूटर साइंस में बनाना चाहते हैं करियर

17 वर्षीय अर्चित पाटिल का अगला लक्ष्य अब 26 मई को होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास करना है. वह आगे कंप्यूटर साइंस में अपना करियर बनाना चाहते हैं. उनके पिता डॉ. राहुल पाटिल ने कहा कि हम अर्चित के लिए कुछ विदेशी संस्थानों की तलाश कर रहे हैं.

जेईई टॉप करने के लिए अर्चित का मूलमंत्र

जेईई मेन टॉप करने वाले अर्चित पाटिल की सफलता का मूल मंत्र है निर्धारित शेड्यूल का पालन करना. किसी काम को अधूरा न छोड़ना. वह प्रतिदिन न सिर्फ होमवर्क पूरा करते थे बल्कि सेल्फ स्टडी के लिए भी समय निकालते थे. उनके पिता डॉ. राहुल पाटिल ने कहा कि ट्यूटर्स द्वारा तैयार किए गए शेड्यूल का पालन करने से वह ट्रैक पर रहा. आखिरकार जेईई एक आसान सफर तो होता नहीं. उन्होंने बताया कि अर्चित ने इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड में भी हिस्सा लिया था.

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