थार में पानीपूरी बेचने जाती है Btech गर्ल, फ़िदा हुए आनंद महिंद्रा

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Btech : उसकी उम्र महज 22-23 साल है. कभी बुलेट पर फर्राटे भरती है तो कभी थार से चलती है. इस लड़की की अदा ही कुछ ऐसी है कि हर किसी का ध्यान खिंचती है ये. बुलेट या थार से तो चलती है लेकिन पानीपूरी का स्टॉल लगाती है. आजकल दिल्ली में बीटेक पानीपूरी वाली लड़की धूम मचाए हुए है. देश के दिग्गज बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा खुद इस लड़की पर फिदा हुए और उसका वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

आनंद महिंद्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. आनंद महिंद्रा लिखते हैं- “ऑफ रोड व्हीकल क्या करने के लिए बने हैं…ये लोगों को वहां जाने में मदद करते हैं जहां वो नहीं जा पाते हैं.” आनंद महिंद्रा लिखते हैं कि हम चाहते हैं कि हमारे वाहन लोगों को आगे बढ़ने और उनके सपने पूरा करने में मदद करें. गोलगप्पा गर्ल का वीडियो शेयर करते वे लिखते हैं- “आप जानते हैं कि मुझे ये वीडियो क्यों पसंद है.”

दिल्ली की रहने वाली तापसी उपाध्याय ने हाल ही में कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया है. बीटेक करने के बाद वह किसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर सकती थी. या किसी सरकारी ओहदे पर जा सकती थी, लेकिन तापसी इन सबको छोड़कर पानीपूरी यानी गोलगप्पे का स्टॉल लगाती है.

तापसी उपाध्याय ने ‘बीटेक पानीपूरी वाली’ नाम से गोलगप्पे का स्टार्टअप शुरू किया है. कुछ ही दिनों में वह इतनी फेमस हो गई है कि, सोशल मीडिया पर धूम मचाए हुए है. तापसी ने दिल्ली में गोलगप्पे के चार स्टॉल शुरू किए हैं. एक साल पहले तक वह बुलेट या स्कूटी से अपने स्टॉल को खींचकर दिल्ली की अलग-अलग जगहों पर ले जाती थी, लेकिन अब वह थार में बैठकर यह काम कर रही है.

बीटेक पानीपूरी वाली गोलगप्पा गर्ल तापसी उपाध्याय बताती है कि यह उनका स्टार्टअप है. तापसी को शुरू से ही कुछ हटकर करने का शौक था. वह अपना नाम इतिहास में दर्ज कराना चाहती थी, लेकिन समाजिक उद्देश्य के लिए. इसलिए तापसी ने पानपूरी का स्टॉल लगाने का फैसला किया. चंद दिनों में ही उसके गोलगप्पे इतने मशहूर हो गए कि लोग बीटेक पानीपूरी वाली को खोजते हुए उसके स्टॉल पर पहुंचते हैं.

तापसी बताती हैं कि स्ट्रीट फूड किसे पसंद नहीं हैं, खासकर दिल्लीवाले दो स्ट्रीटफूड के दीवाने होते हैं. लेकिन हमारे समाज में हैल्दी स्ट्रीट फूड मिलना एक बड़ी समस्या है. इसलिए तापसी ने तय किया कि इसी क्षेत्र में कुछ ऐसा किया जाए जो सबसे अलग हो और साथ ही हैल्दी भी. और यह फैसला पानीपूरी के स्टॉल पर जाकर पूरा हुआ.

स्पेशल और हेल्दी गोलगप्पे
तापसी बताती हैं कि वह आटा-सूजी को मिलाकर गोलगप्पे बनाते हैं. यानी इसमें मैदा का इस्तेमाल नहीं किया जाता. खास बात ये हैं कि ये गोलगप्पे तेल में फ्राई नहीं किए जाते बल्कि एयरफ्राई किए जाते हैं. इसलिए उनके गोलगप्पे पूरी तरह से हेल्दी होते हैं. तापसी गोलगप्पे का पानी तैयार करने में विशेष सावधानी बरतती हैं. वह बताती हैं कि गोलगप्पे का पानी सैदा नमक से तैयार किया जाता है. धनिये और जीरे को मिट्टी के बर्तन में भूनकर हाथ से कूट कर पानी में डाला जाता है.

तापसी बताती हैं कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का पूरा रिचर्स किया गया. पानीपूरी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री कैसे तैयार की जाती है, इसकी जानकारी जुटाई गई.

वह बताती हैं, “मेरे दिमाग में एक बात शुरू से थी कि पानीपूरी को चटपटी और स्वादिष्ठ बनाने के साथ हैल्दी कैसे बनाया जाए. कई तरह के हींग इस्तेमाल किए.बाजार में मिलने वाली ज्यादातर चीजों में मिलावट होती है. इसलिए वह अधिकतर कच्चे सामान इस्तेमाल करके पानीपूरी का मटेरियल तैयार करती हैं.”

बुलेट से थार तक का सफर
तापसी उपाध्याय बताती हैं कि पिता ने हमेशा आगे बढ़ने में मदद की. जब तापसी नौवीं कक्षा में थी तभी बुलेट चलाना सिखा दिया. वह ट्यूशन बुलेट से ही जाती थी. अब खुद की कमाई से थार खरीदी है. और पानीपूरी के स्टॉल लगाने में जहां पहले वह स्कूटर या बुलेट का इस्तेमाल करती थी, अब वही काम थार से करती है.

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