BJP expresses reservations about new ward ban, demands to be rejected | भाजपा ने नई वार्डबंदी को लेकर जताए कई ऐतराज, खारिज करने की मांग

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डेराबस्सी19 घंटे पहले

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  • लगाया आरोप- महिला वार्डों की रोटेशन सही नहीं, कई पुरुष इस बार भी चुनाव लड़ने से वंचित
  • निरंतरता न होने से कई वार्डों की बाउंड्री पहले व बाद के वार्डों से नहीं मिलती

भारतीय जनता पार्टी ने डेराबस्सी की नई वार्डबंदी का विरोध जताते हुए इसके खिलाफ सख्त एतराज दर्ज करवाए गए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा वार्डबंदी म्युनिसिपल एक्ट और रूल्स को ताक पर रखकर राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के तहत की गई है। इसे तुरंत खारिज कर पुरानी वार्डबंदी ही अमल में लाने का सुझाव भी दिया।

डेराबस्सी नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान मुकेश गांधी ने बताया कि डी-लिमिटेशन करने से पहले कानूनी रूप से डीलिमीटेशन बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए था परंतु उसका कानूनी रूप में गठन नहीं किया गया। इसके अलावा वार्डबंदी शुरू करने से पहले जिम्मेदार व्यक्तियों की एक सर्वे टीम हर वार्ड अनुसार बनाई जानी चाहिए थी जिसमें नगर कौंसिल के जिम्मेदार अफसर शामिल होने चाहिए थे।

परंतु कोई भी टीम नहीं बनाई गई और न ही वार्ड में जाकर कोई सर्वे किया गया। यह कार्यवाही दफ्तर में बैठकर की गई है तो यह कानूनी रूप से सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि नगर कौंसिल की हद में कोई बढ़ोतरी या कमी नहीं की गई है जिससे न ही कोई नया एरिया डेराबस्सी काउंसिल की सीमा में आया है। इसलिए नई वार्डबंदी करने का कोई उचित कारण ही नहीं बनता।

इसके अलावा रोटेशन पॉलिसी को भी ध्यान में रखना चाहिए था क्योंकि बहुत से वार्ड जो पिछले लंबे समय से महिलाओं के लिए रिजर्व रहे हैं उन्हें अब भी महिलाओं के लिए रिजर्व रखा गया है जो वहां के पुरुष व्यक्तियों के साथ नाइंसाफी की गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आबादी 62000 बताई गई है जबकि पुरानी आबादी करीब 43000 थी जिस मुताबिक करीब 25 वार्ड बनने चाहिए थे परंतु इस बात को भी नजरअंदाज किया गया है।

वार्डों के वोटर्स संख्या में काफी फर्क…

वार्डों में वोटर्स संख्या का फर्क 10% से अधिक न हो, लेकिन वार्ड की भौतिक और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वार्डों के वोटर्स संख्या में काफी फर्क है और न ही वार्डों की निरंतरता रखी गई है। जिस कारण वार्ड की बाउंड्री आपस में नहीं मिलती और कई वार्ड तो केवल राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए नेशनल हाईवे क्रॉस करके अमल में लाए गए हैं।

जैसे कि वार्ड नंबर 11 के बाद नेशनल हाईवे क्रॉस करके वार्ड नंबर 12 को निर्धारित किया गया है और इसके अलावा 14 नंबर वार्ड और 15 नंबर वार्ड के बाद 16 नंबर वार्ड को देखने से साफ पता चलता है कि नियमों की कितनी उल्लंघना की गई है। भाजपा वर्करों ने इस वार्डबंदी को खत्म करके पुरानी वार्ड बंदी को अमल में लाने की सरकार से गुजारिश की है और नगर कौंसिल के ईओ जगजीत सिंह जज को एतराज पत्र सौंपा है।

ये लोग रहे मौजूद…

भाजपा ने कहा कि रोटेशन पॉलिसी को भी ध्यान में रखना चाहिए था। इस मौके पर मुकेश गांधी के अलावा भाजपा नेता टोनी सैनी, रविंद्र बत्रा, मास्टर विपन थम्मन, पवन भटनागर, गुरचरण चौधरी, एडवोकेट राम धीमान, जसविंदर, दिनेश वैष्णव आदि के अलावा कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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