अद्भुत रहस्य! बड़ोदिया गांव के जादू और करतब के आगे विज्ञान भी हैरान, दो दिन लगता है भव्य मेलाBarodia Village Magic Fair

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अद्भुत रहस्य! बड़ोदिया गांव के जादू और करतब के आगे विज्ञान भी हैरान, दो दिन लगता है भव्य मेलाBarodia Village Magic Fair

राजस्थान की धरती पर ऐसा गांव है, जहां की कला के आगे विज्ञान भी फेल

बड़ोदिया: इस गांव के जादू और करतब के आगे फेल है विज्ञान, दो दिन लगता है भव्य मेला Barodia Village Magic Fair नई दिल्ली, 9 मार्च (TNT)। समंदर का नीला पानी और प्रकृति की हरियाली मन को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका है। लोग घूमने के लिए ज्यादातर ऐसी ही जगह का चुनाव करते हैं। वहीं, अगर आप मन को रोमांचित करने वाली जगहों की तलाश कर रहे हैं, तो हम आपके लिए ऐसे जादुई नगरी की जानकारी लेकर आए हैं, जहां जाकर आपका सिर चकरा जाएगा। राजस्थान की धरती पर ऐसा गांव है, जहां की कला के आगे विज्ञान भी फेल है।

बड़ोदिया गांव के लोगों को बैलेंस और जादू की कला विरासत में मिली

Barodia Village Magic Fair हम बात कर रहे हैं राजस्थान के बड़ोदिया गांव की। राजस्थान के बूंदी जिले से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसा बड़ोदिया गांव अपने आप में खास है और कला व आस्था दोनों का अनोखा संगम देखने को मिल जाता है। क्या आपने मटके के ऊपर ट्रक, कागज के नोट के ऊपर गाड़ी, गर्दन को शरीर से अलग और डंडे पर बिना सहारे के खड़ी उलटी बाइक को देखा है? यह सब सुनने में भी अविश्वसनीय लगता है लेकिन बड़ोदिया गांव के लोगों को बैलेंस और जादू की कला विरासत में मिली है और वे बड़ी और भारी चीजों को अंगूठे की साइज की चीजों पर टिकाने का दम रखते हैं।

भैयादूज के दिन बूंदी के गांव में दो दिवसीय मेला लगता है, जिसका आनंद लेने के लिए विदेश से भी लोग आते हैं

Barodia Village Magic Fair बड़ोदिया गांव के लोग जादू और करतब दिखाने में माहिर हैं। वे जादू और करतब के लिए किसी तरह की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि पारंपरिक विद्या से पानी पर भी पत्थर को तैरा देते हैं। हालांकि यह नजारा साल में दो बार ही देखने को मिलता है। दीपावली के बाद भैयादूज के दिन बूंदी के इस गांव में दो दिवसीय मेला लगता है, जिसका आनंद लेने के लिए विदेश से भी लोग आते हैं।

मेले में सिर्फ जादू ही नहीं, आस्था का भी रूप देखने को मिलता है

Barodia Village Magic Fair इस मेले में सिर्फ जादू ही नहीं, आस्था का भी रूप देखने को मिलता है। भाईदूज के दिन बड़ोदिया गांव में घासभैरूजी की सवारी निकलती है, जो बाबा भैरू के ससुराल से मायका लौटने की एक रस्म के तौर पर देखा जाता है। गांव के सभी लोग घासभैरूजी की सवारी तैयार करते हैं और पूरे गांव में यात्रा निकलती है। अगर आप भी दो दिन के लिए कहीं जाने का प्लॉन कर रहे हैं, तो बड़ोदिया गांव जाना बेहतरीन ऑप्शन रहेगा।

कुछ किलोमीटर की दूरी पर कई पुराने महल भी देखने को मिल जाते हैं

Barodia Village Magic Fair बड़ोदिया गांव के पास कुछ किलोमीटर की दूरी पर कई पुराने महल भी देखने को मिल जाते हैं। 10-20 किलोमीटर के दायरे में पर्यटक बाघ महल, केशोरायपाटन मंदिर, इंदरगढ़ और बीजासन माता मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। —आईएएनएस पीएस/एएस

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