बैंक एफडी (Bank FD) में भारतीय खूब पैसा लगाते हैं. अच्छा ब्याज मिलने और पैसा डूबने का खतरा न होने की वजह से यह एक लोकप्रिय निवेश विकल्प बना हुआ है. भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट में वृद्धि करने की वजह से भारत में एफडी की ब्याज दरें अब काफी आकर्षक हो गई हैं. हालांकि, मौद्रिक नीति समिति ने अपनी पिछली कुछ बैठकों में रेपो रेट को स्थिर ही रखा है. फिर भी कुछ बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए एफडी की ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं. अब इस लिस्ट में IDFC फर्स्ट बैंक का भी नाम जुड़ गया है. बैंक ने भी एफडी पर ज्यादा ब्याज (IDFC FIRST Bank FD Rate Hike) देने की घोषणा की है. नई ब्याज दरें 21 मार्च से प्रभावी हो गई हैं.
ब्याज दरों में बदलाव के बाद अब आईडीएफसी फर्स्ट बैंक FD कराने पर सामान्य नागरिकों को 3.0 फीसदी से 8.0 फीसदी तक सालाना ब्याज देगा. वहीं सीनियर सिटीजन को बैंक सामान्य नागरिकों के मुकाबले 0.50 फीसदी ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को 3.50 फीसदी से 8.50 फीसदी तक का सालाना ब्याज बैंक देगा. अधिकतम ब्याज 500 दिनों की अवधि वाली एफडी पर मिल रहा है. ब्याज दरों में बदलाव 2 करोड़ से कम की FD पर किया है.
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक FD दरें
बैंक 7 से 14 दिनों वाली एफडी पर 3 फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज दे रहा है. 15 से 29 दिन और 30 से 45 दिन की एफडी कराने पर भी 3 फीसदी ब्याज मिलेगा. 46 से 90 दिन और 91 से 180 दिनों की फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी बैंक 4.50 फीसदी की दर से ब्याज ऑफर कर रहा है. 181 दिन से एकसाल से कम अवधि की एफडी पर बैंक 5.75 फीसदी ब्याज देगा. एक साल की एफडी कराने पर 6.50 फीसदी ब्याज मिलेगा. एक साल एक दिन से 499 दिन की अवधि वाली एफडी पर 7.50 फीसदीफीसदी और 500 दिनों की एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 8 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 फीसदी ब्याज मिलेगा.
FD से मिलने वाले ब्याज पर भी देना होता है टैक्स
FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है. आप एक साल में FD पर जो भी ब्याज कमाते हैं, वो आपकी एनुअल इनकम में जुड़ता है. FD पर अर्जित इंटरेस्ट इनकम को “इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज” माना जाता है. यदि आपकी इनकम एक साल में 2.5 लाख रुपए से कम है, तो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर TDS नहीं काटता है.


