भक्ति में लीन: अदा शर्मा महाशिवरात्रि पर शिवालय पहुंचीं, ‘काल भैरव अष्टकम’ का किया पाठAdah Sharma Mahashivratri

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भक्ति में लीन: अदा शर्मा महाशिवरात्रि पर शिवालय पहुंचीं, ‘काल भैरव अष्टकम’ का किया पाठAdah Sharma Mahashivratri

अदा शर्मा का मंदिर दौरा

महाशिवरात्रि पर शिवालय पहुंचीं अदा शर्मा, ‘काल भैरव अष्टकम’ का किया पाठAdah Sharma Mahashivratri मुंबई, 15 फरवरी (TNT)। देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती को समर्पित महाशिवरात्रि के अवसर पर अभिनेत्री अदा शर्मा ने मुंबई के माहिम स्थित शीतलादेवी मंदिर में महादेव के दर्शन किए। उन्होंने शिवालय में महादेव को समर्पित काल भैरव अष्टकम स्तोत्र का पाठ किया।

सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो

Adah Sharma Mahashivratri अदा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर इस खास पल के वीडियो को पोस्ट किया, जिसमें वह स्तोत्र सुनाती नजर आईं। वीडियो के साथ अभिनेत्री ने कैप्शन में लिखा, “आप सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं। मुंबई के माहिम स्थित शीतलादेवी मंदिर में काल भैरव अष्टकम का पाठ किया। वीडियो मेरी अम्मा ने लिया और क्योंकि यह कालभैरव अष्टकम है, इसलिए मंदिर परिसर में मौजूद सभी कुत्तों ने भी इसमें शामिल होने का फैसला किया।

Adah Sharma Mahashivratri” वीडियो में मंदिर के आसपास मौजूद कुत्तों की आवाज आ रही है, जिसने इस पल को और भी खास बना दिया। मुंबई के माहिम इलाके में स्थित शीतलादेवी मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर वेस्टर्न रेलवे के माहिम स्टेशन से पैदल दूरी पर लेडी जमशेदजी रोड पर है। माटुंगा या दादर स्टेशन से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। दादर से बांद्रा जाने वाली कई बसें मंदिर के पास रुकती हैं। अदा शर्मा अक्सर आध्यात्मिक पोस्ट करती रहती हैं।

काल भैरव अष्टकम’ का महत्व

इससे पहले वह गुप्त नवरात्रि पर हरिद्वार के श्री महामृत्युंजय मंदिर पहुंची थीं, जहां उन्होंने वैदिक छात्रों के साथ महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ किया था।Adah Sharma Mahashivratri अदा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर इस खास पल का वीडियो पोस्ट करते हुए प्रशंसकों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर मृत्युंजय मंदिर कनखल में वैदिक छात्रों के साथ महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ किया। वीडियो में अभिनेत्री एनर्जी से भरपूर छात्रों के साथ पाठ का गान करती नजर आईं।

Adah Sharma Mahashivratri अदा ने गुप्त नवरात्रि के महत्व को भी सरल शब्दों में समझाया था। उन्होंने बताया कि यह त्योहार गरबा-डांडिया या शोर-शराबे वाला नहीं, बल्कि शांति, तप, आंतरिक साधना और भक्ति का पर्व है। साथ ही, उन्होंने गुप्त नवरात्रि की कथा भी सुनाई और बताया कि इस दिन देवी ने दस महाविद्याओं के गुप्त ज्ञान से अंधेरे को मिटाया, जिससे असुरों की शक्ति कमजोर पड़ गई। —आईएएनएस एमटी/डीकेपी

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