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जोधपुर8 मिनट पहले
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जीत के बाद डिप्टी मेयर अब्दुल करीम के साथ नवनिर्वाचित मेयर कुंती देवड़ा व कांग्रेसी पार्षद
- जोधपुर दक्षिण में भाजपा से किशन लड्ढा बने दावेदार तो कांग्रेस ने गणपत सिंह चौहान
सूर्यनगरी की दो नगर निगमों में महापौर में एक-एक सीट पर कब्जा कर चुकी कांग्रेस व भाजपा के लिए उपमहापौर का भी कमोबेश ऐसा ही परिणाम आने की उम्मीद है। अलबत्ता कांग्रेस का एक उपमहापौर तो भाजपा प्रत्याशी की नादानी के कारण निर्विरोध निर्वाचित हो गए। जोधपुर उत्तर में भाजपा के उपमहापौर प्रत्याशी सुरेंद्र जोशी ने नामांकन तो दाखिल किया लेकिन प्रस्तावक के हस्ताक्षर ही नहीं करवाये। ऐसे में बाद में प्रस्तावक के हस्ताक्षर करवाने गए तो वापसी में आते-आते समय ही बीत गया। नतीजतन उनका पर्चा अब खारिज हो गया है। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस के अब्दुल करीम को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। जीत की घोषणा के साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने उत्साह के साथ करीम को फूल मालाओं से लाद दिया। नवनिर्वाचित मेयर कुंती देवड़ा ने भी फूल भेंटकर उपमहापौर करीम का स्वागत किया। जोधपुर दक्षिण में भाजपा ने किशन लड्ढा को अपना उम्मीदवार बनाया है तो गणपत सिंह चौहान को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। निगम पार्षदों की संख्या के हिसाब से देखें तो यहां भाजपा को जीत मिलनी तय मानी जा रही है, क्योंकि कल महापौर का चुनाव भी भाजपा ने आसानी से जीत लिया था। दक्षिण में भाजपा ने महापौर का चुनाव जहां दस वोट से जीत लिया था, वहीं उत्तर में जीत का अंतर 42 वोट का रहा। ऐसे में दोनों निगमों में उप महापौर की सीट भी दोनों पार्टियों के खाते में एक-एक आनी तय है।
गंभीरता नहीं बरती पर्चा दाखिल करने में
आमतौर पर जिस सीट पर जीत की उम्मीद होती है, वहां पर्चा दाखिल करने से पहले राजनीतिक पार्टियां अनुभवी लोगों से चैक करवाती है। किसी तरह की खामी के कारण पर्चा दाखिल नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है। चूंकि जोधपुर उत्तर में भाजपा को जीत की उम्मीद नहीं थी, ऐसे में पर्चा भरने में भी गंभीर लापरवाही की गई। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब्दुल करीम को उप महापौर घोषित किया गया।
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