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- रेल मंत्री के साथ दिन भर चली बैठकों का दौर, पहले कांग्रेस सांसद और फिर भाजपा नेता ने कहा पंजाब की आर्थिक स्थिति खराब
चंडीगढ़2 घंटे पहले
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- ग्रीन सिग्नल… सूबे में 40 दिन बाद आज से चल सकती हैं मालगाड़ियां
- किसान, कारोबारी और उद्यमियों को राहत मिलेगी
केंद्र और सूबा सरकार के बीच तनातनी के कारण 40 दिन से खड़ी मालगाड़ियां शुक्रवार को एक बार फिर ट्रैक पर दौड़ सकती हैं। वीरवार दोपहर पंजाब की चीफ सेक्रेटरी ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ विनोद कुमार यादव को भरोसा दिलाया कि शुक्रवार सुबह तक सभी ट्रैक खाली करवा लिए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद चेयरमैन ने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि ट्रैक क्लियर होने पर पहले की तरह मालगाड़ियां चलाने के लिए तैयार हैं।
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार पंजाब के डीजीपी के संपर्क में हैं। डीजी और डीजीपी हालात की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। इससे पहले पंजाब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर एक सुर में कहा कि पंजाब का भारी नुकसान हो रहा है।
मालगाड़ियां जल्द चलाई जाएं। मंत्री ने कहा कि रेलवे ट्रेनें चलाना चाहता है। ट्रैक क्लियर होते ही आवाजाही बहाल हो जाएगी। राज्यसभा सांसद प्रताप बाजवा और शमशेर दूलों ने भी मंत्री से मुलाकात की। जिक्रयोग है कि दैनिक भास्कर लगातार यह मुद्दा उठाता रहा है कि ट्रेनें न चलने से पंजाब का नुकसान हो रहा है। ट्रेनें चलने पर किसान, कारोबारी और उद्यमियों को राहत मिलेगी।

जो रेलमंत्री को कांग्रेसियों ने बताया- रेलवे पंजाब की लाइफ लाइन, तुरंत चलाएं
सूबे में 26 सितंबर से मालगाड़ियां बेपटरी हैं। 21 अक्टूबर को परिचालन शुरू हुआ पर 23 को फिर रोकना पड़ा। 40 दिन से मालगाड़ियां ट्रैक से दूर हैं। कांग्रेस नेताओं ने रेल मंत्री से मुलाकात कर सूबे को हो रहे नुकसान की जानकारी दी। आठ सांसदों ने कहा कि पंजाब को कोयला, यूरिया समेत जरूरी सामान नहीं मिल रहा। न ही पंजाब से किसी चीज की सप्लाई हो रही है। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए 7 नवंबर का समय लिया है।
जो भाजपाइयों ने बताया-
त्योहारी सीजन में गाड़ियां नहीं चलने से दिक्कत
पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा व राष्ट्रीय भाजपा महासचिव तरुण चुघ के नेतृत्व में 22 मेंबरी प्रतिनिधिमंडल ने कहा, त्योहारी सीजन में मालगाड़ियां न चलने से पंजाब का भारी नुकसान हो रहा है। कोयला, उर्वरक, सीमेंट, पीओएल, कंटेनर और स्टील की कमी हो गई है। थर्मल प्लांट और अन्य उद्योग या तो बंद हो गए हैं, या बंद होने की कगार पर हैं।
चेयरमैन ने कहा-
कुछेक घंटे में हो जाएगी कोयले की सप्लाई…
वीरवार शाम तक 32 में से 15 जगहों पर ट्रैक खाली करवा लिए गए। शेष 17 ट्रैक खाली करवाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस और आरपीएफ के जवान ट्रैक खाली करवाने में जुटे हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन यादव ने कहा कि उन्हें पता है कि कोयला खत्म होने के कारण पंजाब में स्थिति गंभीर है। पंजाब के बाहर मालगाड़ियां कोयला लेकर ग्रीन सिग्नल के इंतजार में हैं। ट्रैक खाली होने पर कोयले की सप्लाई कुछेक घंटे में कर दी जाएगी।
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