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नई दिल्ली3 घंटे पहले
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फाइल फोटो
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में सिविल लाइंस स्थित विकास भवन के सामने महात्मा गांधी रोड के बाहर चल रहे छात्रों के धरने और क्रमिक उपवास सात दिन हो चुके हैं। लेकिन प्रदूषण और कोरोना-वायरस के भय से रात-दिन जूझ रहे छात्रों की सुध दिल्ली सरकार ने अभी तक नहीं ली है।
छात्र सरकार के किसी प्रतिनिधि के आकर बात करने के इंतजार में थे लेकिन सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का कोई भी संपर्क नहीं किया गया। दिल्ली सरकार की उदासीनता और तानाशाही का विरोध करते हुए रविवार को छात्रों ने मुख्यमंत्री का पुतला बनाकर उस पुतले को ही अपना ज्ञापन सौंप दिया। छात्रों ने पुतले के सामने हाथ जोड़ विनती की वह छात्रों की मांगों को मानें।
पुतले को ज्ञापन देते समय जी बी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्त्ता मौजूद रहे। अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा कि छात्र दिल्ली सरकार की नाक के नीचे बैठकर जब प्रदूषण तथा कोरोना-वायरस की भयावहता को झेलते हुए अपनी मांगों के लिए पिछले 1 सप्ताह से डटे हुए हैं।
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