Father-in-law sent to fetch son-in-law, the pickup fell in the ditch, including son-in-law, three | ससुर ने दामाद काे लाने भेजी थी पिकअप खाई में गिरी, दामाद समेत तीन की माैत

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शिमला2 घंटे पहले

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शुक्रवार देर रात 11.30 बजे जनेड़घाट-डुबलू रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हुई पिकअप गाड़ी में तीन की मौत हो गई।

  • जुन्गा के डुबलू में शनिवार आधी रात हुआ हादसा, एक जख्मी आईजीएमसी रेफर

किसे मालूम था कि जिस गाड़ी काे दामाद काे घर लाने के लिए भेजा था वही दुर्घटनाग्रस्त हाे जाएगी। इसी तरह की दिल दहलाने वाली दुर्घटना जुन्गा के डुबलू में हुई हैं। यहां पर एक पिकअप खाई में गिरने से तीन लाेगाें की माैके पर ही माैत हाे गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हाे गया। ये हादसा शनिवार देर रात करीब 11.30 बजे जनेड़घाट-डुबलू रोड पर हुआ।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दामाद गाेविंद ने डुबलू के रहने वाले अपने ससुर संताेष काे फाेन करके बताया कि वह उनके घर आने वाला है, लेकिन उसे काेई लिफ्ट नहीं मिल रही है। इसलिए गाड़ी काे जनेड़घाट भेज दें। इस पर ससुर संतोष ने गांव के तीन युवकाें राजेश, रविकांत और प्रमोद को अपनी पिकअप गाड़ी देकर दामाद काे जनेड़घाट से लाने के लिए भेजा।

इसके बाद परिवार के लाेगाें काे सूचना मिली कि उनकी पिकअप डुबलू के पास बलोग घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई। पिकअप सड़क से करीब 600 मीटर गहरी खाई में गिरी हुई थी। हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

खाई में घायल रविकांत सबसे पहले मिला फिर बाकीः

पुलिस जैसे ही माैके पर पहुंची ताे घटनास्थल से करीब 50 मीटर नीचे रविकांत नाम का व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा था। इसके बाद बाकी अन्य लाेगाें की तलाश की गई तो वे पिकअप के साथ पड़े मिले। तीनों की मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया है।

मृतकाें में डुबलू गांव के राजेश, प्रमोद और दरभोग कुफ्टू गांव का रहने वाले गोविंद शामिल है। जबकि, घायल रविकांत को चायल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी रेफर किया गया है। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

तेज रफ्तार हाे सकती है दुर्घटना की वजहः​​​​​​

हालांकि, अभी हादसे के कारणाें का पूरा पता नहीं लग पाया है। पुलिस प्राथमिक जांच के आधार पर दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार मान रही है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना वाली जगह पर ऐसी काेई चीज नहीं मिली है, जिससे दुर्घटना के कारण स्पष्ट हाे सके।

ऐसा लग रहा है कि गाड़ी तेज रफ्तार में थी। इसके अलावा पुलिस इस बात पर भी फाेकस कर रही है कि कहीं गाड़ी में काेई तकनीकी खराबी आई हाे और ये दुर्घटनाग्रस्त हाे गई हाे। एसपी शिमला माेहित चावला का कहना है कि दुर्घटना के कारणाें की जांच हाे रही है। हादसे में घायल व्यक्ति का उपचार चल रहा है।

शिमला में लाॅकडाउन में भी हुई थी सबसे ज्यादा दुर्घटनाएंः

​​​​ लाॅकडाउन के दाैरान भी प्रदेश भर में जिला शिमला एक नंबर पर रहा है। यहां पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। 21 मार्च से लेकर 15 मई तक जिला शिमला में 19 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिसमें 8 माैतें हुई और 28 लाेग घायल हुए हैं। मंडी जिला में 10 दुर्घटनाएं हुई, सिरमाैर में सात, जिला चंबा में भी दुर्घटना के मामले सामने आए थे।

जबकि, जिला शिमला में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। वर्ष 2018 में प्रदेश में जहां 3110 सड़क हादसें पेश आए थे, तो वहीं 2019 में यह सड़क हादसों की संख्या कम होकर 2873 तक आ गई। जबकि अब वर्ष 2020 में सड़क हादसे बढ़ने लगे हैं।

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