“‘ॐ’ जप का विज्ञान: कैसे एक्टिव होते हैं चक्र और न्यूरॉन्स” Om chanting benefits

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"'ॐ' जप का विज्ञान: कैसे एक्टिव होते हैं चक्र और न्यूरॉन्स" Om chanting benefits

ओम’ का उच्चारण शरीर के सातों चक्र को सक्रिय करता है

शरीर के चक्रों और न्यूरॉन्स को एक्टिव करता है ‘ओम’,Om chanting benefits जानें इसके पीछे का विज्ञान नई दिल्ली, 5 अप्रैल (TNT)। सनातन धर्म में ‘ओम’ का बेहद महत्व है। किसी भी मंत्र का जाप हो या ध्यान लगाना, इसका उच्चारण सिर्फ आध्यात्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। ‘ओम’ का उच्चारण शरीर के सातों चक्र को सक्रिय करता है, न्यूरॉन्स को जागृत करता है और पूरे तंत्रिका तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

तनाव कम करने, मन शांत करने और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका

Om chanting benefits वैज्ञानिक अध्ययनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय से अब यह साबित हो रहा है कि ‘ओम’ की ध्वनि कंपन (वाइब्रेशन) तनाव कम करने, मन शांत करने और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ‘ओम’ को प्राचीन भारतीय ज्ञान में ‘जागृति की ध्वनि’ या ‘प्रथम ध्वनि’ कहा जाता है। इसे ब्रह्मांड की मूल आवाज माना जाता है।

ओम’ का जाप ध्वनि कंपन पर आधारित

Om chanting benefits ‘अ+उ+म’ के मिलने से बना यह शब्द तीन अक्षरों वाला नहीं, बल्कि ढाई अक्षरों वाला ‘ओंकार’ या ‘प्रणव’ है, जिसमें पूरे ब्रह्मांड का सार समाया हुआ है। ‘ओम’ का जाप ध्वनि कंपन पर आधारित है। जब ‘ओम’ का लंबा और गहरा उच्चारण करते हैं, तो यह शरीर में विशेष प्रकार के वाइब्रेशन पैदा करता है। ये कंपन नर्वस सिस्टम, चक्रों और मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को सक्रिय करते हैं। इससे मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और शरीर में स्थिरता का अनुभव होता है।

शरीर में सात चक्र होते हैं जिनमें

Om chanting benefits शरीर में सात चक्र होते हैं, जिनमें मूलाधार चक्र रीढ़ के आधार पर, स्वाधिष्ठान चक्र नाभि के नीचे, मणिपुर चक्र नाभि के ऊपर, और अनाहत चक्र हृदय क्षेत्र में होते हैं। वहीं, विशुद्ध चक्र गले में, आज्ञा चक्र भौंहों के बीच, और सहस्रार चक्र सिर के ऊपर स्थित होते हैं। ओम के उच्चारण से ये चक्र एक्टिव होते हैं। अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन में ‘ओम’ के जाप के प्रभाव को वैज्ञानिक तरीके से जांचा गया। इस शोध में योग करने वाले और कुछ योग न करने वाले लोगों को शामिल किया गया।

सुबह के समय ‘ओम’ का जाप करने से दिल और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं

Om chanting benefits दोनों समूहों से 5 मिनट तक ‘ओम’ का जाप करवाया गया और उनकी हार्ट रेट वेरिएबिलिटी को मापा गया। परिणामों से पता चला कि ‘ओम’ का जाप ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक असर डालता है। यह तंत्र दिल की धड़कन और सांस लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। अध्ययन में दोनों समूहों में तनाव कम होने और शरीर के संतुलन में सुधार देखा गया। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सुबह के समय ‘ओम’ का जाप करने से दिल और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।

ओम’ का कंपन इस नर्व को उत्तेजित करता है, जिससे शरीर में शांति और स्थिरता बढ़ती है

Om chanting benefits धीरे-धीरे सांस लेते हुए ‘ओम’ का उच्चारण और फिर सांस छोड़ने की प्रक्रिया वेगस नर्व को मजबूत करती है। वेगस नर्व दिल, फेफड़ों और पाचन तंत्र को नियंत्रित करती है। जब यह नर्व सक्रिय होती है तो तनाव कम होता है, सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और पूरा शरीर जागृत एवं संतुलित महसूस होता है। ‘ओम’ का कंपन इस नर्व को उत्तेजित करता है, जिससे शरीर में शांति और स्थिरता बढ़ती है।

ओम का जाप कैसे करें

Om chanting benefits ‘ओम’ की ध्वनि शरीर के सात मुख्य चक्रों को सक्रिय करने के साथ ही विशेष रूप से मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को उत्तेजित करती है, जिससे एकाग्रता, याददाश्त और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। नियमित अभ्यास से तनाव, चिंता और नींद की समस्या भी कम होती है। अब सवाल है कि ओम का जाप कैसे करें? तो इसके लिए सुबह खाली पेट या ध्यान के समय धीरे-धीरे गहरी सांस लें, ‘ओम’ का लंबा उच्चारण करें, और फिर धीरे से सांस छोड़ें।

Om chanting benefits जितना लंबा और गहरा जाप करेंगे, उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। ‘ओम’ सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का सरल और प्रभावी तरीका है। नियमित अभ्यास से चक्र सक्रिय होते हैं, न्यूरॉन्स जागृत होते हैं, और जीवन में शांति व संतुलन बढ़ता है। —आईएएनएस एमटी/डीकेपी

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