आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को साध्वी को इंजेक्शन लगाने के आरोप
साध्वी प्रेम बाईसा मृत्यु केस: कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित गिरफ्तार, उसी दिन जमानत पर रिहा Sadhvi Prem Baisa Death Case जोधपुर, 23 फरवरी (TNT)। साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु के मामले में गिरफ्तार कंपाउंडर को पुलिस ने उसी दिन रिहा कर दिया। आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को साध्वी को इंजेक्शन लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और अस्पताल ले जाते उनकी मृत्यु हो गई थी।
Sadhvi Prem Baisa Death Case आरोपी राजपुरोहित को 19 फरवरी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साध्वी की मृत्यु के लगभग 20 दिन बाद 16 फरवरी को बोरनाडा पुलिस स्टेशन में कंपाउंडर के खिलाफ लापरवाही और चिकित्सा संबंधी लापरवाही का केस दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद देवी सिंह राजपुरोहित को 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और जमानत बांड जमा करने के बाद रिहा कर दिया गया।
Sadhvi Prem Baisa Death Case उसकी गिरफ्तारी और रिहाई की जानकारी रविवार को सामने आई। इस मामले में डीसीपी पश्चिम विनीत बंसल ने पुष्टि की कि आरोप जमानती थे, और कहा कि गिरफ्तारी और रिहाई कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई थी। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपाउंडर को दो साल तक की कैद की सजा हो सकती है। साध्वी प्रेम बाईसा का निधन 28 जनवरी को जोधपुर के बोरनाडा क्षेत्र में स्थित उनके आरती नगर आश्रम में हुआ था।
उन्हें सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी
Sadhvi Prem Baisa Death Case परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्हें सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को इलाज के लिए बुलाया गया था। देवी सिंह राजपुरोहित ने साध्वी को दो इंजेक्शन दिए, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत पाल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। साध्वी के पिता वीरम नाथ बाद में शव को आश्रम वापस ले आए।
मृत्यु का प्राथमिक कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी के चलते हृदय गति रुकना
Sadhvi Prem Baisa Death Case मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद शव को महात्मा गांधी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया और 29 जनवरी को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद उसी शाम को शव परिवार को सौंप दिया गया। 30 जनवरी को बाड़मेर में साध्वी का अंतिम संस्कार किया गया। दो फरवरी को आंतरिक अंगों के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) ने 11 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी की।
Sadhvi Prem Baisa Death Case पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृत्यु के कारण का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श लिया। जांच के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साध्वी के पिता, सोशल मीडिया स्टाफ, रसोइया, कंपाउंडर और अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ की। जोधपुर पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश ने बताया कि मृत्यु का प्राथमिक कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी के चलते हृदय गति रुकना था
इलाज के दौरान चिकित्सा प्रोटोकॉल की अनदेखी
Sadhvi Prem Baisa Death Case लेकिन जांच में यह भी पाया गया कि कंपाउंडर ने कथित तौर पर इलाज के दौरान चिकित्सा प्रोटोकॉल की अनदेखी की, जो बड़ी लापरवाही का संकेत है। इस मामले में जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई अदालती कार्यवाही और विशेषज्ञ चिकित्सा राय पर निर्भर करेगी। —आईएएनएस सत्यम दुबे/वीसी


