गंभीर आरोप: Avimukteshwaranand FIR Order यूपी में कथित बाल यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर का आदेश

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गंभीर आरोप: Avimukteshwaranand FIR Order यूपी में कथित बाल यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर का आदेश

उनके शिष्य मुकुंदानंद और दो अन्य के खिलाफ एफआईआर

यूपी: कथित बाल यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर का आदेश Avimukteshwaranand FIR Order प्रयागराज, 21 फरवरी (TNT)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक विशेष पोक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विशेष पोक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और दो अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दिया है।

शिकायतकर्ता, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य अशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर

Avimukteshwaranand FIR Order विशेष पोक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी को यह निर्देश दिया। एफआईआर शिकायतकर्ता, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य अशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर की गई थी। ब्रह्मचारी ने यह आवेदन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अधिनियम की धारा 173(4) के तहत दायर किया था, जिसके तहत यह प्रावधान है कि यदि पुलिस अधिकारी शिकायत दर्ज करने से इंकार करता है, तो व्यक्ति मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सकता है।

ब्रह्मचारी ने दो नाबालिग बच्चों को पोक्सो कोर्ट में पेश किया

Avimukteshwaranand FIR Order ब्रह्मचारी ने दो नाबालिग बच्चों को पोक्सो कोर्ट में पेश किया था और अदालत ने 13 फरवरी को आवेदन पर आदेश सुरक्षित रखा था। शनिवार को विशेष अदालत ने प्रयागराज पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद एफआईआर दर्ज करने और आगे की जांच का निर्देश दिया। पिछले हफ्ते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुर्खियों में आए थे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके शिष्यों के खिलाफ पुलिस अत्याचार की शिकायत पर दायर पीआईएल को खारिज कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र

Avimukteshwaranand FIR Order सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, और याचिकाकर्ता उचित अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं। यह विवाद माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान महोत्सव में हुआ, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पारंपरिक पालकी यात्रा के माध्यम से संगम जाने का प्रयास कर रहे थे। प्रयागराज प्रशासन ने भारी भीड़ और “नो-व्हीकल जोन” नीति का हवाला देते हुए इस यात्रा को रोका। इसके बाद उनके शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें मारपीट के आरोप लगे।

Avimukteshwaranand FIR Order इसके बाद विरोध करते हुए स्वामी ने धरना दिया और कथित रूप से भोजन और जल का बहिष्कार कर प्रशासन से माफी की मांग की। विवाद तब और बढ़ा जब माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी को “शंकराचार्य” की उपाधि का इस्तेमाल करने के अधिकार पर नोटिस जारी किया।Avimukteshwaranand FIR Order —आईएएनएस एएमटी/डीएससी

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