15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पवित्र त्योहार है
महाशिवरात्रि से पहले बाबा महाकाल मंदिर में पुख्ता हुई तैयारी, 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आने की संभावना Mahakal Temple Mahashivratri उज्जैन, 14 फरवरी (TNT)। 15 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि का पवित्र त्योहार मनाया जाने वाला है। ऐसे में उज्जैन में विराजमान बाबा महाकाल के मंदिर की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन मंदिर का मुआयना करने पहुंचे, जहां मौके पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
प्रशासन की तैयारियां (सुरक्षा, बैरिकेडिंग, मेडिकल कैंप)
Mahakal Temple Mahashivratri मंदिर के हॉल में आयोजित एक बैठक में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी गईं और ड्यूटी चार्ट जारी किए गए। महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने महाशिवरात्रि को लेकर हुई तैयारियों पर कहा, “15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पवित्र त्योहार है, जिसके दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए, मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Mahakal Temple Mahashivratri उन्हीं तैयारियों के संबंध में आज जो एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को काम सौंपा गया है, उन्होंने सभी तैयारियों के संबंध में ब्रीफिंग दी है। सभी को अपने सेक्टर की सभी व्यवस्थाओं को संभालना होगा, ताकि दर्शन करने आए किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।” उन्होंने आगे बताया कि 15 फरवरी और 16 फरवरी को मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ने वाली है और हर मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर का दौरा पहले ही कर रहा है ताकि चीजों में समय रहते बदलाव किया जा सके।
श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या
Mahakal Temple Mahashivratri मंदिर प्रशासन की मानें तो दो दिन में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आ सकते हैं। इसलिए व्यवस्थाओं को अंतरिम रूप देने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही बाबा के कपाट 44 घंटे खुले रहने वाले हैं, जिससे भक्तों को बाबा के हर प्रहर के शृंगार के दर्शन हो सकें। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में विशेष चार पहर की पूजा होगी जो अगले दिन यानी 16 फरवरी तक चलेगी।
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
बता दें कि 15 फरवरी की रात महाकाल मंदिर की बेहद खास रात्रि होने वाली है क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन बाबा को दूल्हे की तरह सजाया जाता है। फूलों के सेहरे और भारी आभूषणों से बाबा का शृंगार किया जाता है। बाबा के अद्भुत रूप के दर्शन के लिए ही भक्त देश के हर कोने से महाकाल मंदिर पहुंचते हैं। Mahakal Temple Mahashivratri–आईएएनएस पीएस/एएस


