ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े, बर्तन बजाकर और टॉर्च की रोशनी दिखाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन झुंड देर तक गांव में उत्पात मचाता रहा।
झारखंडः हजारीबाग के गांव में हाथियों ने मचाया कोहराम, छह ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला Hazaribagh Elephant Attack हजारीबाग, 13 फरवरी (TNT)। झारखंड के हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड स्थित गोंदवार गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने हमला कर छह लोगों की जान ले ली। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना कैसे हुई?
Hazaribagh Elephant Attack ग्रामीणों के अनुसार रात करीब एक से दो बजे के बीच पांच हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया। अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। हाथियों ने कच्चे मकानों को निशाना बनाते हुए घरों की दीवारें और दरवाजे तोड़ डाले। इस हमले से पूरे गांव में कोहराम मच गया और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। इसी दौरान हाथियों ने छह लोगों को कुचल दिया।
मृतकों की पहचान
Hazaribagh Elephant Attack मृतकों की पहचान सूरज भुईयां (55), उनकी पतोहू सुमन देवी (25), सुमन के दो छोटे बच्चों और मंगरा भुईयां (58) एवं धनेश्वर राम (करीब 55) के रूप में की गई है। बताया गया कि सूरज भुईयां का परिवार एक ही घर में सो रहा था, जिन्हें हाथियों के हमले के दौरान भागने का मौका नहीं मिला। घटना के दौरान ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े, बर्तन बजाकर और टॉर्च की रोशनी दिखाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन झुंड देर तक गांव में उत्पात मचाता रहा।
काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौटे। इसके बाद गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया। सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।Hazaribagh Elephant Attack
ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात में समूह में रहने की सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले करीब 45 दिनों में राज्य में हाथियों के हमलों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।Hazaribagh Elephant Attack —आईएएनएस एसएनसी/एएस


