
सैमसन का संघर्षSanju Samson Struggle टीम इंडिया मैनेजमेंट को कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर सकता है: डब्ल्यूवी रमन नई दिल्ली, 26 जनवरी (TNT)। संजू सैमसन के करियर में नवंबर 2024 बेहद यादगार साबित हुआ था। 40 गेंदों में टी20 शतक लगाकर उन्होंने सभी को हैरान कर दिया था। वह एक ही कैलेंडर ईयर में तीन टी20 शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए। ओपनर के रूप में लगातार तीन शतकों ने टी20 में उनकी जगह पक्की कर दी।
बाद में जब शुभमन गिल के साथ किए गए बड़े एक्सपेरिमेंट में वह बाहर हुए, तब उनका बतौर ओपनर किया गया प्रदर्शन काम आया और न्यूजीलैंड टी20 सीरीज और टी20 विश्व कप के लिए उन्हें गिल की जगह ओपनर के रूप में फिर से चुन लिया गया।Sanju Samson Struggle
न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में सैमसन शुरुआती तीनों मैचों में फ्लॉप रहे हैं। इसी बीच ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मैच में 76 रन की विस्फोटक पारी खेल टीम में अपनी जगह बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज मजबूत कर ली है।Sanju Samson Struggle
सैमसन की जगह प्लेइंग इलेवन में मुश्किल में आ गई है। लगातार तीन मैचों की असफलता ने उनकी निरंतरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व बल्लेबाज और कोच डब्ल्यूवी रमन ने भी उनकी कमजोरी को साफ शब्दों में समझाया। उनके मुताबिक, जब तक सैमसन गेंद की रफ्तार के हिसाब से अपने शॉट्स की स्पीड एडजस्ट नहीं करते, तब तक उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। यह समस्या नई नहीं है—पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भी वह तेज गेंदबाजों का शिकार हुए थे।Sanju Samson Struggle
उन्होंने कहा कि अब दबाव सिर्फ फॉर्म का नहीं, बल्कि मुकाबले का भी है। ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद इंटरनेशनल लेवल पर भी असर डाला है, जबकि तिलक वर्मा की वापसी के बाद चयन और मुश्किल हो गया है। अगर आने वाले मैचों में सैमसन का संघर्ष जारी रहता है, तो टीम मैनेजमेंट को विश्व कप से पहले कड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। Sanju Samson Struggle
हालांकि, सैमसन के पक्ष में यह दलील भी है कि उनकी असफलताएं रोल की अनिश्चितता और लगातार बदलावों के बीच आई हैं। जैसा कमबैक सूर्यकुमार यादव ने किया था, भारत को उम्मीद होगी कि सैमसन भी वैसा ही जवाब देंगे। देखना होगा कि अगले दो मैचों में सैमसन का प्रदर्शन कैसा रहता है। Sanju Samson Struggle —आईएएनएस पीएके

