साइबर युग में महिलाओं के लिए जागरूकता सबसे जरूरी : चेयरपर्सन रेनू भाटिया

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राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन ने पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव गंगवा में आयोजित लीगल एवं साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम में की शिरकत

http://साइबर युग में महिलाओं के लिए जागरूकता सबसे जरूरी : चेयरपर्सन रेनू भाटिया

हिसार, 11 दिसंबर।
हरियाणा राज्य महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों की जागरूकता और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए निरंतर व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में वीरवार को आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया द्वारा पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव गंगवा में आयोजित लीगल अवेयरनेस एवं साइबर क्राइम अवेयरनेस कार्यक्रम में शिरकत कर कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला उत्पीड़न से संबंधित कानून, पॉक्सो एक्ट, डायल 1091 एवं 181 हेल्पलाइन, तथा महिला सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जितनी अधिक जानकारी होगी, वे उतनी ही सशक्त और सुरक्षित बन सकेंगी।

उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि आज के डिजिटल समय में युवा वर्ग साइबर ठगों का निशाना बन रहा है। फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग, पहचान की चोरी और फिशिंग जैसे मामलों से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता अनिवार्य है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर केवल वास्तविक परिचितों से ही जुड़ें, अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का निवारण करना नहीं, बल्कि महिलाओं और युवतियों को पूर्व-रोकथाम के माध्यम से सुरक्षित बनाना भी है। चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि आयोग द्वारा हर जिले में जागरूकता कैंप, वर्कशॉप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि हर वर्ग की महिला अपने अधिकारों को समझ सके और जरूरत पड़ने पर आयोग से निडर होकर संपर्क कर सके।

उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की समस्या, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत कानूनी सहायता लें। उन्होंने कहा कि महिला आयोग पीड़ित महिलाओं को कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और आवश्यक सुरक्षा सहायता भी उपलब्ध कराता है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं व महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उपयोगी सुझाव साझा किए।
डीएसपी सुमित ने सभी को सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपना ओटीपी या बैंक जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवाओं और छात्राओं को सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए और किसी भी तरह के डिजिटल लेनदेन करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

इस कार्यक्रम के पश्चात आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया नारनौंद क्षेत्र में गई और वहां नर्सिंग कॉलेज मामले में दोनों पक्षों से जानकारी ली। इस संबंध में वे कल विस्तृत सुनवाई करेंगी। उन्होंने जिला परिषद में भी बैठक करते हुए विभिन्न मामलों पर चर्चा की। वे शुक्रवार सुबह 11:30 बजे से लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में विभिन्न मामलों की सुनवाई करेंगी।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजु राणा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी, स्कूल के प्रिंसिपल ओमप्रकाश डाबला, प्रिंसिपल अजय, बीईओ अजय कुमार, लीलुराम गंगवा, एसएमसी प्रधान मीना, मास्टर कुलदीप, रेनु, शीतल, सोनू, सुरेश, पवित्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

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