अगर आपका बच्चा नेगेटिव जवाब देने लगे या ठीक से व्यवहार न करे, तो समझना चाहिए कि आपका बच्चा तनाव का शिकार हो सकता है. ऐसे में अभिभावक अपने व्यवहार में बदलाव लाकर बच्चे के बिहेवियर में चेंज ला सकते हैं. (Canva)

यूनिसेफ के अनुसार आपको अपने बच्चों से बात करने के लिए अपनी दिनचर्या से 20 मिनट जरूर निकालने चाहिए. ऐसा घर के किसी भी काम को करते समय किया जा सकता है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि माता-पिता और बच्चे के बीच बातचीत के दौरान फोन और टीवी से दूरी बनाए रखें. (Canva)

बच्चे जब कोई अच्छा काम करें तो बच्चे की प्रशंसा करें और उन्हें उपहार भी दें. इस तरह से बच्चे के ऊपर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वे महसूस करते हैं कि वे अपने माता-पिता के लिए कितने खास हैं. इससे बच्चा शांत और खुश रहने लगेगा. (Canva)

अगर बच्चा किसी बात को लेकर परेशान और गुस्से में है, तो उसे फटकार न लगाएं बल्कि उससे खुलकर बातचीत करें और उसको प्यार से समझायें. इसके साथ ही कुछ ऐसा करें जिससे बच्चे को खुशी महसूस हो, जैसे बच्चे के साथ उसका मनपसंद खेल खेलना या फिर उसको बाहर घुमाने ले जाना. (Canva)

बच्चों को कुछ भी समझाना हो तो उनको स्पष्ट रूप से समझाने की कोशिश करें. भावनाओं में न बहें और बिना वजह की बात बच्चों से न करें. साथ ही इस तरह की बात भी बच्चों से न करें जो उनकी समझ में न आती हो. (Canva)

यदि आपका बच्चा कुछ ऐसा करता है जो नहीं किया जाना चाहिए, तो बच्चे को शांति से समझाकर गलत करने से रोकें. इसके बावजूद भी अगर बच्चा वही गलती करता है, तो खुद पर कंट्रोल करें और गुस्सा या गलत व्यवहार उसके साथ न करें. अगर बच्चा आपकी बात को समझकर गलती करना बंद कर देता है, तो उसे प्यार से समजायें कि आप इस से कितने खुश हैं.(Canva)


