जबलपुर एयरपोर्ट से आवागमन करने वाले मुसाफिरों के लिए बड़ी खुशखबरी हैं. दरअसल, जबलपुर एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल से विमानों का आवागमन आज से शुरू हो गया है. आज से दिल्ली, हैदराबाद, इंदौर, बिलासपुर और मुंबई से आवागमन करने वाली फ्लाइट का ऑपरेशन नई टर्मिनल बिल्डिंग से किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि बीती 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए जबलपुर एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्धाटन किया था.
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय ने जलबपुर एयरपोर्ट को अपग्रेड करने के साथ-साथ नए टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण का फैसला लिया था. इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 2015 में 483 एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपी थी. इस भूमि के मिलने के बाद जलबपुर एयरपोर्ट के क्षेत्र का विस्तार 291 एकड़ से बढ़कर 774 एकड़ हो गया था.
नए टर्मिनल में मिलेगी कौन सी सुविधाएं?
एएआई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 1,15,315 वर्ग फुट के क्षेत्र में 412 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई टर्मिनल बिल्डिंग के डिपार्चर एरिया को ऑटोमैटिक चेक इन काउंटर्स, बैगेज स्कैनर, एस्केलेटर, एलीवेटर्स, चाइल्ड केयर रूम, सिक्योरिटी होल्ड एरिया और एयरोब्रिज से लैस किया गया है. वहीं, एराइवल एरिया में 2 बैगेज रिक्लेम बेल्ट सहित अन्य सुविधाएं दी गई है. टर्मिनल बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे, इंफार्मेशन डिस्प्ले बोर्ड, रिजर्व और सेरेमोनियल लाउंज की सहूलियतें उपलब्ध कराई गई हैं.
क्या है टर्मिनल बिल्डिंग की पैसेंजर कैपेसिटी
एएआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जबलपुर की नई टर्मिनल बिल्डिंग से अब पीक ऑवर्स के दौरान 500 यात्रियों का एक साथ आवागमन संभव हो सकेगा. फिलहाल, जबलपुर एयरपोर्ट से आवागमन के लिए 10 फ्लाइट उपलब्ध हैं, जिसमें पांच डिपार्चर और इतनी ही एराइवल फ्लाइट हैं. 16 मार्च की बात करें तो जबलपुर एयरपोर्ट पर आने वाले मुसाफिरों की संख्या 431 थी, जबकि डिपार्चर पैसेंजर की संख्या 431 थी. जल्द ही, जबलपुर एयरपोर्ट से नई फ्लाइट का ऑपरेशन भी शुरू होने जा रहा है.
क्या कुछ और भी है खास?
एएआई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई टर्मिनल बिल्डिंग की इंटीरियर डेकोरेशन में मध्यप्रदेश की संस्कृति को दर्शाने का प्रयास किया गया है. कोशिश की गई है कि जबलपुर आने वाले मुसाफिरों को टर्मिनल बिल्डिंग में स्थानीय परंपराओं और संस्कृति की भी झलक मिल सके. एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग में स्थानीय हस्तशिल्प, जीवंत गोंड पेंटिंग, भित्ति चित्र और मध्य प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की झलक दिखाने का भी प्रयास किया गया है.
क्या रात में भी हो सकेगी लैंडिंग-टेकऑफ
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जबलपुर एयरपोर्ट को नई टर्मिनल बिल्डिंग के साथ-साथ 28 मीटर ऊंचे नए एटीसी टॉवर, आधुनिक सुविधाओं से लैस जी+3 कैटेगरी का टेक्निकल ब्लॉक, VII श्रेणी के फायर स्टेशन की भी सौगात दी गई है. एयरपोर्ट के 1988 मीटर लंबे रन-वे का एक्सटेंशन किया गया है. अब 2750 मीटर लंबे रन-वे पर A-320 और A321 जैसे बड़े एयरक्राफ्ट लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे. साथ ही, नाइट लैंडिंग सिस्टम से लैस इस रन-वे से रात में भी फ्लाइट्स का आवागमन हो सकेगा.
जबलपुर आए हैं तो यहां भी घूम कर जाइए
जबलपुर आए हैं तो इसके इर्द गिर्द स्थित आकर्षक पर्यटक स्थलों का आनंद ले सकते हैं. जबलपुर के समीपवर्ती पर्यटक स्थलों में बांधवगढ़ नेशनल पार्क और कान्हा नेशनल पार्क भी शामिल हैं. इसके अलावा, भेंडाघाट की संगमरमरी चट्टाने और प्राकृतिक झरने किसी का भी मन मोहने के लिए काफी हैं. भेंडाघाट के चौंसठ योगिनी मंदिर की गिनती बड़े धार्मिक स्थल के रूप में होती है. इसके अलावा, पर्यटन के लिए बरगी बांध, पिसनहारी की मड़िया, मदन महल किला, महेश्वर नर्मदा घाट और कई धुआंधार वॉटर फॉल का विकल्प भी उपलब्ध है.


