बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा संपन्न होने के बाद अब रिजल्ट का इंतजार है. बिहार बोर्ड को लेकर एक ट्रेंड के बारे में आप जानेंगे तो चौंक जाएंगे. रिपोर्ट के अनुसार सीबीएसई और आईसीएसई जैसे बोर्ड के बड़ी संख्या में छात्र बिहार बोर्ड के स्कूलों में एडमिशन ले रहे हैं. बिहार बोर्ड चुनने वालों में अन्य राज्य शिक्षा बोर्ड के छात्र भी शामिल हैं.
बिहार बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2018 से ही बिहार बोर्ड सीबीएसई के छात्रों को आकर्षित कर रहा है. अब सीबीएसई के करीब दो लाख स्टूडेंट्स बिहार बोर्ड में शिफ्ट हो चुके हैं.
रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में 47421, साल 2019 में 69460 और 2020 में 87086 स्टूडेंट्स ने बिहार बोर्ड में खुद को शिफ्ट किया. कोविड महामारी के दौरान यह संख्या और तेजी से बढ़ी. साल 2021 में यह संख्या बढ़कर 100438 हो गई थी.
बिहार बोर्ड में क्यों आ रहे छात्र
सीआईएससीई के छात्र भी जा रहे बिहार बोर्ड
बिहार बोर्ड में सीबीएसई ही नहीं, दूसरे बोर्ड के भी 10वीं और 12वीं के छात्र बिहार बोर्ड की ओर रुख कर रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार, , सीआईएससीई और अन्य राज्य बोर्डों के 12123 छात्र 2018 में इंटर परीक्षा के लिए बिहार चले गए थे. यह संख्या साल 2019 में 16537 और 2020 में 20267 हो गई. हालांकि साल 2021 में सीआईएससीई और अन्य राज्य बोर्ड से छात्रों की बिहार बोर्ड में आमद धीमी हो गई. साल 2021 में 20878 और 2022 में 18006 छात्रों ने बिहार बोर्ड में दाखिला लिया.


