किसान अपने गेहूं को क्रय केंद्र पर बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आप घर पर बैठे ही पंजीकरण कर सकते हैं. किसानों को पंजीकरण कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. मोबाइल फोन की मदद से घर बैठे ही पंजीकरण व नवीनीकरण करा सकते हैं. यूपी के मिर्जापुर जिले में एक मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है. किसान गेहूं बेचने के लिए घर बैठे मोबाइल से पंजीकरण व नवीनीकरण कर सकते हैं. इसके लिए ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है. वहीं, जिन किसानों ने पिछली बार धान क्रय केंद्र पर बेचा था, उन्हें भूमि सत्यापन भी नहीं कराना पड़ेगा.
जिलेभर में गेहूं क्रय के लिए 96 क्रय केंद्र बनाए गए हैं. हालांकि अभी तक किसी किसान ने क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं बेचा है. गेहूं बिक्री के लिए 3953 किसानों ने पंजीकरण कराया है. सदर में 860, लालगंज 1015, मड़िहान 730 व चुनार तहसील में 1446 किसानों ने पंजीयन कराया है. पंजीकृत किसानों के रकबे का सत्यापन होने के बाद किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी. किसान के साथ बटाईदार भी गेहूं बेच सकते हैं. बटाईदारों ने इस बार गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है. किसान से सहमति पत्र लेने के बाद बटाईदार पंजीकरण कराकर गेहूं की बिक्री कर सकेंगे. जिले में अब तक दो बटाईदार ने भी बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है.
घर बैठे किसान मोबाइल से करें पंजीकरण
जिला खाद्य व विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि किसान पंजीयन व नवीनीकरण करने के लिए घर बैठकर ऑनलाइन मोबाइल से पंजीकरण कर सकते हैं. जो किसान धान बेच चुके हैं, उन्हें पंजीयन नहीं कराना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि गेहूं बिक्री के लिए ओटीपी आधारित पंजीयन की व्यवस्था है. किसान स्वयं व नामित सदस्य का विवरण, आधार नंबर व बैंक डिटेल फीड करना अनिवार्य है. गेहूं बिक्री के बाद किसान के संबंधित खाते में भुगतान कर दिया जाएगा.
एक अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की आवक
खाद्य व विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि अभी तक क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है. जिले में एक अप्रैल के बाद से गेहूं आना शुरु होगा. उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों को गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है. किसान क्रय केंद्र पर जाकर भी पंजीयन व नवीनीकरण करा सकते हैं.


