बुलेट ट्रेन का इंतजार पूरा देश बड़े अरमानों के साथ कर रहा है. सरकार की ओर से भी बुलेट की प्रोग्रेस की जानकारी समय-समय पर दी जा रही है. पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी. बुलेट ट्रेन का 90 फीसदी से ज्यादा ट्रैक हिस्सा हवा में यानी पुल पर होगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रोजेक्ट से रिलेटेड ताजा जानकारी दी है. रेल मंत्री ने बताया है बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है.
गौरतलब है कि काफी समय से भूमि अधिग्रहण काफी समय से अधर में अटका हुआ था. अधिग्रहण का काम पूरा होना इस प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है. इसके अलावा बुलेट ट्रेन का ट्रैक बिछाने के लिए जो पुल बनाए जा रहे हैं उनके लिए 274.12 किलोमीटर तक पिलर खड़े कर दिए गए हैं. इसके अलावा इन पिलर्स पर 127.72 किलोमीटर तक गर्डर लगा दिए गए हैं. गर्डर पहले से तैयार सीमेंट या लोहे के प्लेटफॉर्म होते हैं जिनके ऊपर रेल ट्रैक बिछाए जाते हैं.
508 किलोमीटर का होगा पहला रूट
बुलेट ट्रेन को सबसे पहले अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलाया जाएगा. इसकी दूरी 508 किलोमीटर होगी. वर्ष 2026 में बिलिमोरा और सूरत के बीच ट्रेन का ट्रायल शुरू हो जाएगा. गुजरात में इसका रास्ता 352 किलोमीटर का होगा. गुजरात में बुलेट ट्रेन 9 जिलों को पार करेगी. महाराष्ट्र में इसकी लंबाई 156 किलोमीटर होगी जहां से यह 3 जिलों को पार करेगी. इसके अलावा 4 किलोमीटर का रास्ता नगर हवेली से गुजरेगा. इस कोरिडोर में 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. बुलेट ट्रेन की स्पीड 320 किमी प्रति घंटे की होगी और इसका डिजाइन 350 किमी प्रति घंटे के अनुसार होगी. मुंबई से अहमदाबाद दो घंटे में बुलेट ट्रेन पहुंचेगी.
6 और रूट पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद के बाद भी 2 और कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन का परिचालन किया जाएगा. यह रूट निम्निलिखित हैं- दिल्ली- अमृतसर, हावड़ा-वाराणसी-पटना, दिल्ली-आगरा- लखनऊ-वाराणसी, दिल्ली –जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद, मुंबई-नासिक-नागपुर, मुंबई-हैदराबाद कॉरिडोर. इनी सभी रूट्स के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है. इन रूट्स में से सबसे पहले हावड़ा-वाराणसी और दिल्ली-अमृतसर रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है.


