Fixed deposit: FD पर कैसे मिलता है लोन? जानिए पूरा प्रोसीजर

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Fixed deposit: फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (Fixed deposit) भारतीयों का एक पसंदीदा निवेश विकल्‍प हमेशा से ही रहा है. ठीक-ठाक ब्‍याज मिलने और पैसा डूबने का खतरा न होने की वजह से जोखिम न उठाने वाले निवेशक एफडी में पैसा लगाते हैं. अब तो एफडी पर मिलने वाली लोन सुविधा (FD Loan) का फायदा भी लोग खूब उठा रहे हैं. बैंक बाजार की हाल ही में जारी ‘मनीमूड’ नामक रिपोर्ट में बताया गया है कि सालाना आधार पर एफडी पर लोन 16.47 फीसदी बढ़ गया है. साल 2022 के 97.5 करोड़ रुपये की तुलना में एफडी पर लोन बढ़कर 2023 में 113.9 करोड़ रुपये हो गया है.

फिक्स्ड डिपॉजिट पर लोन को एफडी पर लोन के नाम से जानते हैं. यह एक सिक्योर लोन है. एफडी पर लोन लगभग सभी बैंक और वित्तीय संस्थान देते हैं. एफडी पर लोन तुरंत मिल जाता है. इसके लिए बहुत ज्‍यादा कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती. हां, 5 साल की टैक्स सेविंग FD पर बैंक लोन नहीं देते हैं. साथ ही नाबालिग को भी एफडी पर लोन नहीं दिया जाता. एफडी पर लोन के लिए प्रोसेसिंग फीस भी नहीं लगती.

कितना लगेगा ब्‍याज
एफडी पर लोन की ब्‍याज दर अलग-अलग होती है. आमतौर पर यह एफडी पर मिल रहे ब्‍याज से 0.75 फीसदी से 2 फीसदी अधिक होती है. एफडी पर लोन विकल्प में ब्याज दर फिक्स होती है, ऐसे में कर्ज लेने वाले शख्स ब्याज दर के उतार-चढ़ाव से बचा रहता है.

लोन राशि
पैसा बाजार के अनुसार, एफडी पर लोन जमा राशि का 90-95 फीसदी तक मिल सकता है. एक्सिस बैंक एफडी राशि के 85 फीसदी तक का लोन दे रहा है. बैंक ऑफ बड़ौदा 90 फीसदी तो भारतीय स्‍टेट बैंक 95 फीसदी तक लोन दे रहा है. एसबीआई 5 हजार से लेकर 5 करोड़ रुपये तक एफडी लोन देता है. हालांकि, कुछ बैंक या वित्तीय संस्थान एफडी पर लोन के लिए न्यूनतम जमा की शर्त भी रखते हैं. जैसे एक्सिस बैंक 25 हजार रुपये से कम एफडी लोन नहीं देता.

जल्‍द अप्रुवल
फिक्स्ड डिपॉजिट लोन बहुत जल्‍दी अप्रूव हो जाता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि एफडी कोलेटेरल के रूप में कार्य करता है. ऐसे में कर्ज लेने वाले शख्स के फाइनेंशियल हिस्ट्री के व्यापक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती. नतीजतन,लोन को न्यूनतम दस्तावेज के साथ प्रोसेस किया जाता है.

रिपेमेंट और टेन्योर
एफडी पर लोन के लिए रिपेमेंट की शर्तें लचीली होती हैं. इस लोन को किस्तों (ईएमआई) में चुकाया जा सकता है और एकमुश्‍त भी. हालांकि, एफडी के मैच्योर होने से पहले इसे चुकाना होता है. नतीजतन, लोन रिपेमेंट टेन्योर फिक्स होती है, जिससे कर्ज लेने वाले शख्स को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग करने में सहूलियत मिलती है.

एलिजिबिलिटी
जिस व्‍यक्ति के नाम पर बैंक या वित्तीय संस्थान में एफडी अकाउंट है, वह एफडी लोन ले सकता है. अनिवासी भारतीय नागरिक, पारिवारिक ट्रस्ट, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), क्लब, सोसाइटी, एसोसिएशन, समूह कंपनियां और साझेदारी फर्म एफडी लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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