बिना झपकी करें सेफ कार ड्राइव
आप में से कई लोगों ने नोटिस किया होगा कि जब भी हम कार से या फिर बस से लंबी दूरी के लिए ट्रैवल करते हैं तो अक्सर हमें गाड़ी में बैठने के कुछ देर बाद ही नींद आने लगती है। लॉन्ग रूट पर जाने की तैयारी है लेकिन कुछ दूर चलने के बाद ही हमारी आंखें अपने आप ही बंद होने लगती हैं। बार-बार जम्हाई आने लगती है, फिर एक झपकी और एक्सीडेंट। कहीं ट्रैवल करना होता है बहुत से ख्याल दिमाग में आते हैं। जैसे- कहीं कोई सामान न छूट जाए, देर न हो जाए, समय से नहीं पहुंचे तो आगे की ट्रिप कैसी होगी। जिसकी वजह से अक्सर लोग ट्रैवल करने से पहले ठीक से सो भी नहीं पाते हैं। ड्राइवर्स जो ठीक से नहीं सोते या जो पांच घंटे से भी कम नींद लेते हैं, एक्सीडेंट का ज्यादा शिकार होते हैं।

जब आप एक फ्लो में हिलते रहते हैं तो नींद आने लगती है। तभी कार में बैठे-बैठे सो जाते हैं। साइंस में इस पूरे प्रोसेस को रॉकिंग सेंसेशन कहते हैं। मेडिकल इश्यू जैसे बैठे-बैठे सोने की आदत, डिप्रेशन, हाइपरटेंशन होने पर रिलैक्स मिलते ही नींद आने लगती है। शरीर में विटामिन बी 12 की कमी होने से रात के समय ठीक से नींद नहीं आ पाती। फिर दिन में काम करते समय थकान होने पर नींद आने लगती है।
फिर जब आप गाड़ी में बैठ जाते हैं तो दिमाग रिलैक्स हो जाता है और आपको नींद आने लगती है। इसे हाइवे हीप्रोरिस कहते हैं। यह गहरी नींद का समय होता है। इस समय ड्राइवर की अलर्टनेस कम हो जाती है। लंच के बाद शुगर ब्लड में एक दम से बढ़ता है फिर तेजी से कम हो जाता है। जिससे थकान फील होती है और फिर झपकी आती है। डिप्रेशन या एंग्जाइटी डिसऑर्डर जैसी प्रॉब्लम है तो भी दिन में नींद आने लगती है। स्लीप डिसऑर्डर की वजह से रात की नींद पूरी नहीं हो पाती है। जिससे दिन में नींद आती है।

कार ड्राइविंग करते समय इन बातों को ध्यान रखें
• ड्राइव करते समय बार-बार उबासी आए, झपकी लगे या फिर आपका सिर एक तरफ झुकना शुरू हो गया है, तो तुंरत गाड़ी रोक दें और कुछ देर आराम कर लें।
• लॉन्ग रूट पर ड्राइवर से रेगुलर बातें करते रहें जिससे कि उसका दिमाग रेस्टिंग पोजिशन में न जाए।
• पानी रेगुलर पीते रहें। हर एक घंटे पर ठंडे पानी से मुंह भी धोते रहें। गाड़ी ड्राइव करते समय नींद से बचने के लिए म्यूजिक सुनें।
• खाना खाने के बाद जिनको तेज नींद आती है। वो खाना खाने के तुंरत बाद ड्राइव न करें।
• ड्राइव करते समय बोर न हों। माइंड को एक्टिव रखने के लिए कैंडी, च्युइंगगम, सौंफ चबाते रहें। इससे माइंड एक्टिव और एंगेज रहेगा।


