गांव कंवारी में डी प्लान की ग्रांट के तहत गांव में हिसार-तोशाम रोड के साथ लगते लड़कियों के खेल के मैदान की चारदीवारी के लिए ग्रांट मंजूर की गई है। यह जानकारी देते हुए हलका नलवा व हांसी के सामाजिक कार्यकर्ता प्रद्युमन जोशीला कंवारी ने बताया कि राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉक्टर देवेंद्र पाल वत्स के द्वारा गांव में डी प्लान के तहत यह ग्रांट मंजूर करवाई गई है। इसके लिए प्रद्युमन जोशीला कंवारी ने अपने साथियों भगवान परशुराम जन सेवा समिति के संस्थापक प्रधान योगेंद्र शर्मा, डॉक्टर भूप सिंह, अजय दुहन कंवारी और मौसम सिंह के साथ अग्रोहा मेडिकल कॉलेज स्थित डॉक्टर डीपी वत्स के आवास पर पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया।
प्रद्युमन जोशीला कंवारी ने बताया कि गत दिनों हिसार जिले के डी प्लान के विभिन्न कार्य मंजूर करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया था। जिसके तहत राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉक्टर डीपी वत्स ने गांव कंवारी में लड़कियों के खेल मैदान की चारदीवारी के लिए 1000000 रुपए मंजूर करवाए हैं, जिस पर संपूर्ण गांव डॉक्टर वत्स का आभार व्यक्त करता है।
जोशीला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत राज्यसभा सांसद डॉ डीपी वत्स ने कंवारी गांव को गोद लिया हुआ है और इस गांव में उनके द्वारा समय-समय पर विभिन्न विकास के कार्य करवाए जा रहे हैं! इससे पहले भी विभिन्न कार्यों के लिए उन्होंने गांव में अपने एमपी लैंड कोटे से भी लाखों रुपए दिए हैं!
गांव कंवारी में बहुत जल्द ही डॉ डीपी वत्स का भव्य स्वागत किया जाएगा और विभिन्न विकास कार्यों के लिए ग्रांट जारी करवाने पर धन्यवाद किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गांव कंवारी हमेशा से ही खेलों की नर्सरी रही है। यहां के खिलाड़ियों ने कबड्डी, कुश्ती, एथलेटिक्स, साइकिलिंग, तीरंदाजी, जूडो, हाॅकी, क्रिकेट सहित बहुत से खेलों में राज्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। सांसद डीपी वत्स द्वारा दी गई ग्रांट के बाद खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों का हौसला ओर अधिक बढ़ेगा और वे पहले से अधिक खुलकर खेल सकेंगे। जोशीला ने बताया कि इस मैदान में चार दिवारी ना होने की वजह से कई बार आवारा पशु घुस जाते थे, जिससे खिलाड़ियों को खेलने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था और चोट लगने का भय भी रहता था। लड़कियों के खेल के मैदान में गांव वासियों ने सैकड़ों पेड़ भी लगा रखे हैं, चार दिवारी ना होने की वजह से आवारा पशु उन पेड़ों को भी तोड़ देते थे! लेकिन अब डी प्लान के तहत ग्रांट मंजूर होने से चारदीवारी बनने का कार्य जल्दी शुरू होगा जिससे खिलाड़ियों को खेलने में और अधिक सुविधा मिलेगी और उन्हें आवारा पशुओं का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा पेड़ भी सुरक्षित रहेंगें।


