
सिरसा के वार्ड नम्बर 1 में श्री बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड समाज धर्मशला में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत् कभा का आज विधिवत समापन हुआ। भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद् भागवत पुराण की व्याख्या, प्रभुपाद आचार्य श्री ओमप्रकाश ध्यानी के मुखारवृंद से उपस्थित भक्तों ने श्रवण किया। विगम सात दिनों तक भगवान श्री कृष्ण जी की बात लीलाओं का बड़े ही सुन्दर ढंग से वर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण की जीवनोपयोगी कथाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें एवं अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरी लीला श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध, कुबजा उद्धार, रुकमणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर भक्तों को भक्तिरस पान करवाया गया।

इससे पूर्व सभा के सचिव गणेश रावत, जसवंत सिंह मेहरा, हरी सिंह चंद, दरबान सिंह, सुभाष पंत, कर्ण भीम सिंह ठाकुर, शुभम पूर्ण सिंह ठाकुर,बंटी शर्मा नेे परिवार सहित दीप प्रषवलित कर व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की। रविवार को हवन यज्ञ एवं मंत्रोषारण के साथ कथा का समापन हुआ और उत्तराखंड सभा द्वारा उपस्थित भक्तों के बीच लंगर एवं प्रसाद वितरण किया गया। अंत में सभा के प्रधान आनंद सिंह रावत ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान किसी न किसी रूप में सहयोग देने व प्रतिदिन कथा श्रवण करने वालों सहित समाज के सभी लोगों का धन्यवाद किया।

