[ad_1]
रोहतक3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
ब्राह्मणवास के पास पानीपत-रोहतक मार्ग पर जाम लगाकर धरना देते किसान।
तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को जिले में ब्राह्मणवास के पास किसानों ने नेशनल हाईवे पानीपत-रोहतक पर करीब 4 घंटे तक जाम लगाया। प्रदर्शनकारी किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने, बिजली बिल 2020 को वापस लेने और किसानों पर किए गए मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे थे।
किसान सभा जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि देश के 250 से ज्यादा किसान संगठनों के सांझा मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर कृषि कानूनों के खिलाफ 4 घंटे के रास्ते बंद का आह्वान किया। इसमें जरूरतमंद को रोका नहीं गया। किसान सभा राज्य सचिव सुमित सिंह ने कहा कि अब 9 नवंबर को प्रदेश भर से किसान सीएम आवास घेरने करनाल पहुचेंगे। 26-27 नवंबर को दिल्ली चलो का आह्वान किया। अध्यक्षता सुबे सिंह हुड्डा ने की।
किसानों पर बना रहे झूठे केस
किसान सभा राज्य प्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार किसानों के विरोध के सामने बौखलाई हुई है। इसलिए किसानों पर झूठे मुकदमे बना रही है। किसान सभा ने प्रदेशभर में किसानों पर बनाए गए झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की है। किसान सभा ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ बदले की कार्रवाई करने की भी निंदा की है।
इन किसान नेताओं ने सभा को किया संबोधित
सभा को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के सत्यवान, भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान पहलवान, किसान यूनियन (अंबावता) के अनिल बल्लू, खिड़वाली सरपंच ओमप्रकाश, कैप्टन शमशेर मलिक, जनवादी नौजवान सभा के राज्य उपप्रधान संदीप सिंह, टोल हटाओ संघर्ष समिति के वीरेंद्र, रामभज ओमप्रकाश खिडवाली, नरेश मलिक, खेमचंद, ओमप्रकाश कादियान, अतर सिंह हुड्डा, राजकुमार घडौठी, बलवान चांदी, उमेद सिंह खरैंटी ने संबोधित किया।
[ad_2]
Source link

