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नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर 7 मई से वंदे भारत मिशन की शुरुआत किए जाने के बाद से 20 लाख से ज्यादा भारतीय दूसरे देशों से वापस आए हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एक अक्टूबर से शुरू मिशन के सातवें चरण के तहत इस महीने के अंत तक 24 देशों से 1057 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया गया. इसके तहत 1.95 लाख लोगों के आने का अनुमान है.

20.55 लाख भारतीय वापस आए
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि 29 अक्टूबर तक वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया, प्राइवेट और विदेशी विमान कंपनियों, चार्टर्ड विमानों, नौसेना के पोतों आदि के जरिए 20.55 लाख भारतीय वापस आए.

बांग्लादेश के साथ ‘एयर बबल’ समझौता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 29 सितंबर को वार्ता के दौरान सहमति बनी थी कि दोनों तरफ के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘एयर बबल’ के तहत विमानों का संचालन किया जाएगा.

इंटरनेशनल पैसेंजर फ्लाइट पर रोक 30 नवंबर तक बढ़ाई
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कोरोना वायरस महमारी के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवाओं के परिचालन पर रोक को 30 नवंबर तक बढ़ा दी है. हालांकि, कुछ मामलों में चुनिंदा मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय निर्धारित उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी जा सकती है.

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत में 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवाएं निलंबित हैं. मई से ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत और जुलाई से द्विपक्षीय ‘एयर बबल’ व्यवस्था के तहत कुछ देशों के लिए विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं का परिचालन हो रहा है. भारत ने करीब 18 देशों के साथ ‘एयर बबल’ समझौता किया है. देश में घरेलू उड़ान सेवा करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद 25 मई से दोबारा शुरू की गई थी.

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