
महदी ने कहा, “उनका दावा है कि यह जानकारी मीडिया से आई है, और इसका कोई आधार नहीं है।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (TNT)। बांग्लादेश में चुनावी प्रचार-प्रसार के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शनिवार को जमात-ए-इस्लामी के नायब-ए-अमीर सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर के भारत के साथ कथित समझौतों के आरोप को खारिज कर दिया और इसे बिना किसी तथ्य के पॉलिटिकल बदनामी बताया। बीएनपी की चुनाव स्टीयरिंग कमेटी के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा, “एक राजनीतिक दल के बहुत असरदार नेता ने मीडिया का हवाला देते हुए भारत के साथ डील के बारे में दावा किया है, लेकिन वह अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर सके, और न ही कर पाएंगे।
” बीएनपी चेयरमैन के गुलशन ऑफिस में एक प्रेस ब्रीफिंग में बोलते हुए, कमेटी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर की बातें राजनीतिक बदनामी के लिए और गलत तरीके से पेश की जा रही हैं, जिसका मकसद चुनाव के दौरान कन्फ्यूजन पैदा करना है। महदी ने कहा, “उनका दावा है कि यह जानकारी मीडिया से आई है, और इसका कोई आधार नहीं है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।
इसलिए, यह विवाद पैदा करने का एक राजनीतिक तरीका, बदनामी का कैंपेन लगता है।” उन्होंने कहा कि अगर जमात के नेता को गलत जानकारी दी गई या कन्फ्यूजन फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो यह उनकी नासमझी को दिखाता है। हमारा मानना है कि यह या तो एक टैक्टिक है या नासमझी। हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि भारत के साथ कोई समझौता होने के दावे पूरी तरह से झूठ और प्रोपेगैंडा हैं।
बता दें, सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर ने चेयरमैन तारिक रहमान का जिक्र करते हुए दावा किया था कि पार्टी ने भारत के साथ ‘तीन समझौते’ किए हैं। इसे लेकर कमेटी प्रवक्ता महदी ने कहा कि बीएनपी चुनावों से पहले नेगेटिव प्रोपेगैंडा, बदनाम करने की टैक्टिक्स और मौकापरस्त राजनीति को खारिज करती है। उन्होंने कहा, “बीएनपी की राजनीति बांग्लादेश-फर्स्ट पॉलिटिक्स है।
तारिक रहमान के नेतृत्व में, देश का हित, संप्रभुता और नागरिकों का सशक्तिकरण सबसे पहले आता है।” महदी ने पानी के बंटवारे और सीमा पर तनाव से जुड़े मुद्दों पर बीएनपी की पिछली लामबंदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमने तीस्ता और पद्मा नदियों पर पानी के सही अधिकार के लिए प्रदर्शन किया और सीमा पर फेलानी की हत्या का विरोध किया।
बेगम खालिदा जिया के नेतृत्व में, बीएनपी ने विदेश नीति को खारिज कर दिया और देश की आजादी का बचाव किया।” इस दौरान महदी ने हाल ही में शुरू की गई चुनावी हॉटलाइन का जिक्र किया, जिसका मकसद इलेक्शन से जुड़ी गाइडेंस देना और शिकायतें लेना है। उन्होंने कहा, “बीएनपी ने लोगों से सीधे बातचीत बढ़ाने, कानूनी जानकारी देने और इलेक्शन से जुड़ी शिकायतें और अच्छा फीडबैक लेने के लिए हॉटलाइन और एक व्हाट्सएप हॉटलाइन शुरू की है।” —आईएएनएस केके/डीएससी

