चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की दो छात्राओं का आस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय में प्रतिष्ठित मास्टर आफ रिसर्च प्रोग्राम के लिए चयन हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने दोनों छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
कुलपति प्रो बी.आर. काम्बोज ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय लगातार शोध कार्यों, शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां से न केवल वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ती है बल्कि अन्य छात्रों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करती हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सुप्रिया और बॉटनी एवं प्लांट फिजियोलॉजी विभाग की यशिका अपने शोध करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ कृषि एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेल की प्रभारी डॉ. आशा क्वात्रा ने बताया कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में यशिका डॉ. जेसन रेनाल्ड्स की देखरेख में अपना शोध कार्य करेगी जबकी सुप्रिया डॉ बोरजेश सिंह के मार्गदर्शन में काम करेगी। उनका चयन उनकी कड़ी मेहनत शैक्षणिक समर्पण और विश्वविद्यालय में पोषित मजबूत शोध संस्कृति का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय के सात छात्रों ने वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी से दोहरी डिग्री कार्यक्रम के तहत् स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरा कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय सेल के समन्वयक डॉ. मंजूनाथ डॉ. नवीन व डॉ. दर्शना भी अपना योगदान दे रहे हैं।
माता-पिता एवं शिक्षकों का किया आभार व्यक्त
दोनों छात्राओं सुप्रिया और यशिका ने अपने माता-पिता व शिक्षकों का उनके निरंतर प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार प्रकट किया। स्नातकोत्तर शिक्षा अधिष्ठाता डॉ. रमेश कुमार ने उच्च शिक्षा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को वहां के अवसरों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्राओं ने अपने सलाहकारों डॉ. शिखा मेहता, डॉ. राहुल ढाका और डॉ. जितेंद्र भाटिया के शैक्षणिक मार्गदर्शन के लिए उनका आभार प्रकट किया।
सुप्रिया ने बताया कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में यह अवसर पाकर मैं गौरवान्वित हूं। जो हमें सीखने, आगे बढऩे और सतत कृषि अनुसंधान में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाएगा। हमें यह अवसर प्रदान करने के लिए मैं विश्वविद्यालय के कुलपति की हार्दिक आभारी हूं। यशिका ने बताया कि किसी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी का अवसर प्राप्त करने से न केवल मेरे शैक्षणिक क्षितिज का विस्तार होगा, बल्कि मुझे अपने क्षेत्र में विधिक शोध पद्धतियों और वैश्विक परिप्रेक्ष्यो से भी अमूल्य परिचय प्राप्त होगा। इस अवसर पर मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश गेरा व डॉ. अनुज राणा भी उपस्थित रहे।


