सीमा सजदेह, एक जानी-मानी फैशन डिजाइनर और बॉलीवुड अभिनेता सोहेल खान की पूर्व पत्नी, इन दिनों नेटफ्लिक्स के शो ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में नज़र आ रही हैं। यह शो बॉलीवुड स्टार्स की पत्नियों के जीवन और संघर्षों पर आधारित है, जिसमें निजी और पेशेवर दोनों पहलुओं को बारीकी से दर्शाया जाता है। शो का तीसरा सीज़न चल रहा है, और हर बार की तरह, सीमा ने अपनी निजी ज़िन्दगी के कई राज़ और अनुभवों को साझा किया है। खासकर, सोहेल खान से तलाक के बाद उनकी ज़िन्दगी में जो बदलाव आए, वे काफ़ी चर्चित रहे।

सोहेल खान से तलाक और बड़ा फैसला
सीमा सजदेह और सोहेल खान का रिश्ता साल 1998 में शादी के बंधन में बंधा था। इस रिश्ते से उनके दो बेटे हैं, जो उनका सबसे बड़ा गर्व हैं। लगभग 24 साल तक इस कपल ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को अच्छे से निभाया, लेकिन 2022 में उन्होंने अलग होने का निर्णय लिया। यह खबर मीडिया में काफ़ी चर्चा का विषय बनी रही, और लोगों ने उनकी ज़िन्दगी और तलाक के बाद उनके हालात के बारे में काफ़ी कयास लगाए।
तलाक के बाद सीमा ने एक बड़ा फैसला लिया—उन्होंने बांद्रा वाला अपना घर छोड़कर लोअर परेल में शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उनका बांद्रा वाला घर सोहेल खान के घर से कुछ ही कदम की दूरी पर था, लेकिन इस फैसले के पीछे उनके अपने निजी कारण थे। सीमा का यह कदम किसी की समझ में नहीं आया, खासकर उनके बच्चों और उनकी करीबी दोस्त महीप कपूर को।
बच्चों की नाराज़गी
तलाक का सबसे बड़ा असर बच्चों पर पड़ता है, और यह सच सीमा और सोहेल के बेटे निर्वाण और योहान के मामले में भी देखा गया। तलाक के बाद, सीमा के बड़े बेटे निर्वाण ने उनके लोअर परेल में शिफ्ट होने के फैसले पर नाराज़गी जताई। शो में सीमा ने इस बारे में खुलकर बात की कि कैसे उनका यह कदम उनके बच्चों के लिए असहज था। निर्वाण ने साफ़ तौर पर कहा था कि वह अपनी मां के करीब रहना चाहता था और उनके बांद्रा में रहने से यह संभव था। “आपके यहां से कुछ कदम दूर होना हमारे लिए अच्छा था, हम रोज़ आपसे मिल सकते थे,” निर्वाण ने शो में कहा।
बच्चों का यह रिएक्शन सीमा के लिए भी कठिन था, क्योंकि एक मां के लिए अपने बच्चों से दूर होना और उनकी नाराज़गी सहना आसान नहीं होता। यह एक भावनात्मक चुनौती थी, जिसे उन्होंने बड़ी हिम्मत से झेला। इस फैसले ने न सिर्फ उनके बच्चों के साथ उनके रिश्ते को प्रभावित किया, बल्कि उनके खुद के जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव लाए।

महीप कपूर की नाराज़गी
सीमा सजदेह की सबसे करीबी दोस्तों में से एक, महीप कपूर, जो शो का हिस्सा भी हैं, ने भी उनके इस फैसले को लेकर चिंता जताई थी। महीप ने सीमा को कई बार समझाने की कोशिश की थी कि उन्हें लोअर परेल में शिफ्ट नहीं होना चाहिए। शो में उन्होंने नीलम कोठारी से बातचीत के दौरान कहा, “मैंने सीमा से कहा था कि लोअर परेल में शिफ्ट मत करो। तुम्हारे दोस्त बांद्रा में हैं, तुम्हारा काम यहां है, और तुम्हारा बेटा निर्वाण अमेरिका से लौटा है। उसे अपने करीब रखना ज़रूरी है।”
महीप की ये बातें न केवल सीमा के प्रति उनकी चिंता दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि तलाक के बाद जीवन के फैसले केवल व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि वे परिवार, दोस्तों, और सामाजिक दायरे को भी प्रभावित करते हैं। महीप की यह नाराज़गी इस बात को भी उजागर करती है कि सीमा का यह कदम कितना अप्रत्याशित था, और शायद सीमा के जीवन में हो रहे आंतरिक संघर्षों की ओर भी इशारा करता है।
खुद के लिए जगह बनाना
तलाक के बाद, सीमा ने अपनी ज़िन्दगी को नए सिरे से ढालने की कोशिश की। एक नए घर में शिफ्ट होने का उनका फैसला न सिर्फ़ एक भौतिक परिवर्तन था, बल्कि एक मानसिक और भावनात्मक बदलाव का प्रतीक भी था। वह अपने लिए एक नई जगह, नई पहचान और एक नई शुरुआत चाहती थीं। तलाक के बाद हर महिला की तरह सीमा भी अपनी स्वतंत्रता और खुद के अस्तित्व को तलाश रही थीं।
सीमा का यह फैसला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि कभी-कभी हमें अपने जीवन में कड़े फैसले लेने होते हैं, जो दूसरों को समझ में नहीं आते। हालांकि उनके बच्चे और दोस्त इस बदलाव से खुश नहीं थे, लेकिन सीमा ने अपनी आत्मनिर्भरता और मानसिक शांति के लिए यह कदम उठाया।

आगे की राह
सीमा सजदेह का सफर आसान नहीं रहा है। तलाक के बाद का जीवन, खासकर जब आप एक सार्वजनिक व्यक्तित्व होते हैं, तो और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हर कदम पर लोग आपकी ज़िन्दगी पर नज़र रखते हैं, और हर निर्णय एक बहस का विषय बन जाता है। सीमा का अपने बच्चों से दूर होना, दोस्तों से नाराज़गी झेलना, और समाज की उम्मीदों से परे जाकर अपने लिए कुछ करने का साहस करना एक मिसाल है।
‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ के तीसरे सीज़न में, सीमा ने यह भी बताया कि वह इस फैसले से खुद भी कुछ हद तक असहज थीं। लेकिन उन्होंने इस अनुभव से बहुत कुछ सीखा है।
नयी दिशा की तलाश
सीमा सजदेह ने अपने जीवन में जो बदलाव किए, वह किसी भी महिला के लिए प्रेरणादायक हो सकते हैं। तलाक के बाद जिंदगी को नए सिरे से जीने का उनका यह सफर दिखाता है कि चुनौतियां तो हमेशा आएंगी, लेकिन उनसे पार पाने का साहस ही असली जीत है।
सीमा का यह साहस और आत्मनिर्भरता उन्हें एक मजबूत और स्वतंत्र महिला के रूप में प्रस्तुत करती हैं, जो अपने फैसले खुद लेती हैं और उनके परिणामों का सामना भी करती हैं। उनका यह सफर दर्शाता है कि एक महिला के लिए जीवन में खुद की जगह बनाना कितना महत्वपूर्ण होता है, चाहे रास्ते में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं।
सीमा सजदेह की कहानी उन महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपने जीवन में कठिन फैसले लेने से डरती हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि तलाक या व्यक्तिगत संघर्षों के बाद भी ज़िन्दगी में आगे बढ़ा जा सकता है। उनके जीवन के इस बदलाव ने उन्हें एक नई दिशा दी, और वह अब एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रही हैं।


