

इन दिनों लोग सबसे ज्यादा परेशानी तेजी से बढ़ते वजन की वजह से झेलते हैं। शरीर में जमा फैट कई तरह की बीमारियों को भी दावत देने का काम करता है। इसी वजह से इन दिनों जिम ज्वाइन करने का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ता दिखाई देता है। वहीं दूसरी ओर मार्केट में इंस्टेंट स्लिम करने वाले प्रोडक्ट की भरमार देखने को मिलती है। मगर ये प्रोडक्ट शरीर को फायदा पहुंचाने क बजाय नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए इन प्रोडक्ट्स के साइड इफेक्ट से बचने के लिए आप योग पर भी भरोसा कर सकते हैं। योग वजन घटाने में तो असरदायक साबित होता ही है साथ ही साथ यह कई बीमारियों से भी बचाव करता है। अपनी रूटीन में इन योग अभ्यासों को आजमाकर परिणाम आप खुद महसूस करेंगे। तो आइए जानते हैं कौन से हैं ये 5 योगासन1. भुजंगासन – भुजंगासन एक ऐसा आसन है जिसे करने पर शरीर का आकार सांप जैसा बन जाता है। इसी वजह से इसका नाम भुजंग और कोबरा पोज़ का आसन कहा जाता है। तेजी से वजन घटाने के लिए यह योगासन को रोजाना किया जाना चाहिए। इससे पेट के आस-पास जमी चर्बी तो खत्म होती ही है साथ ही साथ यह चेहरे पर ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है जिससे झुर्रियों को खत्म करने में मदद मिलती है।ऐसे करें भुजंगासनसबसे पहले इस आसन को करने के लिए एक दरी बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं।
इसके बाद हाथों को सामने की तरफ फैलाकर रखें और हथेलियां जमीन से ही लगाएं रखें।अब दोनों पैरों के बीच की दूरी को कम करते हुए पैरों को सीधा और स्ट्रेच करके रखें।
इसके बाद कमर पर ज्यादा खिंचाव न देते हुए लंबी सांस लें और शरीर के अगले हिस्से को नाभि तक उठाएं।
इस मुद्रा को कुछ देर होल्ड करके रखें।
अब गहरी सांस छोड़ते हुए अपनी नॉर्मल पोजीशन में आ जाएं।
इस तरह इस आसन का एक चक्र खत्म हुआ। शुरुआत में इसे 3 से 4 बार करें।

2 . त्रिकोणासन – त्रिकोणासन में शरीर त्रिकोण के आकार का हो जाता है, इसी वजह से इसका नाम त्रिकोणासन है। यह आसान पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। इसे करने से पेट और कमर में जमा फैट कम हो जाता है। साथ ही यह आसन हड्डियों को भी मजबूती प्रदान करने का काम करता है।ऐसे करें त्रिकोणासनइस आसन को करने के लिए अपने दोनों पैरों को फैलाकर हाथों को बाहर की ओर खोल कर खड़े हो जाएं।
अब धीरे-धीरे सीधे हाथ को नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर लेकर जाएं।
इसके बाद कमर को नीचे की ओर करते हुए छत की तरफ देखें।
कोशिश करें कि उंगलियों से जमीन को छू सकें।
साथ ही उल्टे उल्टे हाथ को ऊपर की ओर लेकर जाएं।
इस क्रिया को दोनों तरफ कई बार करें।

3 .चक्रासन – चक्रासन को करने से आपकी मसल्स को मजबूती मिलती है। इसके प्रभाव से हाथ, सीने और हिप्स की मांसपेशियां सबसे ज्यादा स्ट्रांग बन पाती हैं। वहीं इससे मस्तिष्क का संतुलन भी बेहतर बनता है। इस आसन को करते समय शरीर पहिये के आकर का दिखाई पड़ता है है इसलिए इसे यह नाम दिया गया है।ऐसे करें चक्रासन
सबसे पहले एक दरी बिछाकर उस पर पीठ के बल लेट जाएं।
इसके बाद पैरों को घुटने से इस तरह मोड़ें जिससे एड़ी हिप्स को छुए और पंजे जमीन पर ही टिके हो।
फिर लंबी गहरी सांस लेते हुए अपने कंधे, कमर और पैर को ऊपर की ओर उठाएं।
इस क्रिया को करते समय गहरी सांस लें और छोड़ें।
इसके बाद हिप्स से लेकर कंधे तक के बॉडी पार्ट को जितना हो सके उतना ऊपर उठाने की कोशिश करें।
फिर थोड़ी देर बाद अपनी नॉर्मल पोजीशन पर आ जाएं और अब अपनी सांसों की गति भी सामान्य रखें।

4 . धनुरासन – धनुरासन को करते समय शरीर के धनुष के आकार की बनी मुद्रा के कारण ही इसे धनुष मुद्रा कहा जाता है। धनुरासन पेट से चर्बी कम करने में मदद करता है, पाचन में सुधार करता है और जांघों, छाती और पीठ को मजबूत करता है। इसके साथ ही अगर आप परफेक्ट बॉडी शेप चाहते हैं तो भी धनुरासन को जरूर आजमाएं।ऐसे करें धनुरासन
धनुरासन को करने के लिए सबसे पहले अपने पेट के बल लेट जाएं और नीचे की ओर मुंह करें।
इसके बाद धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और हाथों से टखने को पकड़ें।
फिर सांस बाहर छोड़ते हुए पैरों को खींचें। साथ ही सर को पीछे की ओर ले जाने का प्रयास करें।
इसके बाद शरीर का सारा वजन अपनी नाभि पर टिकाने की कोशिश करें।
शुरुआत में इस क्रिया को 2 से 3 बार करें। इसके बाद आप इसे करने का समय और बढ़ा सकते हैं।

5 .वीरभद्रासन – वीरभद्रासन का नाम भगवान शिव के अवतार वीरभद्र जो एक बड़े योद्धा थे उनके ऊपर रखा गया है। इसी वजह से इसे के नाम से भी जाना जाता है। रोजाना इस आसन को करने से आपकी पीठ, पैरों और बाहों को मजबूती मिलती है। साथ ही यह संतुलन को बेहतर बनाने के लिए भी उपयोगी साबित होता है। यह स्पाइनल कार्ड को मजबूत बनाता है। वहीं हर्निया के रोगियों को भी इस आसन से बहुत फायदा मिलता है।ऐसे करें वीरभद्रासन
सबसे पहले योगा मैट बिछाकर उस पर सीधे खड़े हो जाएं।
अब दोनों हाथों को कंधो तक ऊपर उठाएं, हथेलिया आसमान की तरफ खुली रहने दें।
इस बीच दोनों पैरों के बीच करीबन 3 से 3.5 फीट का अंतर जरूर रखें।
इसके बाद दोनों हाथों की हथेलियों को सिर के ऊपर ले जाकर उन्हें आपस में जोड़ दें।
अब दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री के एंगल पर घुमा दीजिए।
वहीं बाएं पैर के पंजे को करीबन 45 डिग्री पर घुमाएं और ऊपर के धड़ को दाएं पैर की तरफ घुमाएं।
फिर दाईं जांघ को फर्श के समानांतर लाकर अपने बाएं पैर को एकदम सीधा रखें।
इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक बने रहें और फिर अपनी पुरानी स्थिति में लौट आए।
इस पूरी प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी दोहराएं।

